ताज़ा खबर
 

जेपी नड्डा की दो टूक- पार्टी का कोई भी नेता कोरोना महामारी को न दे साम्प्रदायिक रंग, तीन दिन पहले ही बीजेपी IT सेल के चीफ ने कहा था साजिश

देशभर में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों के कोरोना के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें से 15 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इन सभी लोगों का निजामुद्दीन के मरकज से कनेक्शन था जो मार्च के बीच में आयोजित समारोह में शामिल हुए थे

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा। (PTI Photo)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी नेताओं से अनुरोध किया है कि वे लोग कोई भी ऐसा बयान न दें जिससे कोरोना वायरस से उपजे हालात को साम्प्रदायिक रंग दिया जा सके या फिर समाज में विभाजन या मत विभिन्नता का कारण बन सके। नड्डा का यह कदम तब सामने आया है जब देशभर में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों के कोरोना के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें से 15 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इन सभी लोगों का निजामुद्दीन के मरकज से कनेक्शन था जो मार्च के बीच में आयोजित समारोह में शामिल हुए थे।

सूत्रों ने बताया कि गुरुवार की शाम राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ एक बैठक में नड्डा ने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता को कोई भड़काऊ या विभाजनकारी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि मौजूदा हालात में प्रधान मंत्री के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, यह बिना सोचे और परवाह किए बिना कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार है?

उस बैठक में शामिल एक नेता ने बताया, “पहले से ही एक दिशा-निर्देश मिला हुआ था कि हमारे पास राष्ट्र का नेतृत्व करने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। वायरस और बीमारी ने दुनिया भर में सभी को सभी धर्मों के प्रति संवेदनशील बना दिया है, किसी को भी ऐसा कोई बयान या टिप्पणी जारी नहीं करनी चाहिए जो उत्तेजक हो।”

उन्होंने कहा, “तब्लीगी मुद्दा सामने आने पर इसे फिर से दोहराया गया। वैसे पार्टी का एक निर्देश है कि किसी को भी इसे सांप्रदायिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। अल्पसंख्यक समुदाय के नेता ही उस पर टिप्पणी कर सकते हैं, यदि वे चाहें तो। लेकिन हमें वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई में एकजुट होना होगा।” बता दें कि पार्टी के कई समर्थकों ने, विशेष रूप से सोशल मीडिया पर, “कोरोनाजिहाद” और “मरकज साजिश” जैसे भड़काऊ पोस्ट किए हैं। बैठक में इस पर भी चर्चा की गई।

बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने 1 अप्रैल को ट्वीट किया था, “दिल्ली का अंधेरा नाजुक मोड़ पर है! पिछले 3 महीनों में एक इस्लामिक विद्रोह देखने को मिला है, जिसमें सबसे पहले शाहीन बाग़ से लेकर जामिया, जाफ़राबाद से सीलमपुर तक का विरोध-सीएए का विरोध है। और अब मरकज़ में कट्टरपंथी तब्लीगी जमात का अवैध जमावड़ा। इसे ठीक करने की जरूरत है! ”

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी ट्वीट किया, “तबलीगी जमात द्वारा तालिबानी अपराध। यह कोई लापरवाही नहीं है। यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। जब पूरा देश कोरोना के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है, तो ऐसा पाप अनुचित है।” गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने भी ट्वीट किया कि तब्लीगी जमात ने भारत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। बहरहाल, नड्डा ने बैठक में कहा कि सभी लोगों को इस समय एकजुट होकर संकट से मुकाबला करना चाहिए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App। जनसत्‍ता टेलीग्राम पर भी है, जुड़ने के ल‍िए क्‍ल‍िक करें।

Next Stories
1 VIDEO: ‘कोरोना वायरस से मारे गए लोग शहीद’, असदुद्दीन ओवैसी बोले- डेडबॉडी को साफ करने की जरूरत नहीं
2 ‘दीया-बाती से कोरोना का कनेक्शन नहीं’, PM मोदी की अपील पर बोले कांग्रेसी- ‘फोटो सेशन’ से समस्या नहीं होगी हल
3 भक्‍त अनपढ़ हो, मूर्ख हो…”रामायण” के राम ने भक्‍त और ज्ञानी में बताया था यह अंतर