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राहुल गांधी पर बरसे अमित शाह- आंख मारने से फुर्सत मिल जाए तो तथ्य भी जांच लीजिएगा

शाह ने व्यंग्य किया कि आपसे रिसर्च और ईमानदारी की उम्मीद करना मुश्किल है लेकिन फिर भी आप राजीव गांधी का मंडल के समय का बयान पढ़ें।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार किया है और कहा है कि जब आंख मारने से आपको फुर्सत मिल जाय तब तथ्यों को भी जांच लीजिएगा। अमित शाह ने यह पलटवार तब किया है, जब राहुल गांधी ने गुरुवार (09 अगस्त) को जंतर-मंतर पर दलितों के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दलित विरोधी करार दिया। राहुल ने कहा कि अगर पीएम मोदी के दिल में दलितों के लिए जगह होती तो उनके लिए नीतियां अलग होतीं। राहुल ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने किताब में लिखा था कि दलितों को सफाई करने से आनंद मिलता है। यह पीएम मोदी की मानसिकता उजागर करती है। उन्होंने कहा कि हमलोग मिलकर 2019 में भाजपा को हराएंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान पर भाजपा अध्यक्ष ने ताबड़-तोड़ कई ट्वीट कर पलटवार किया। अमित शाह ने लिखा, राहुल जी, “जब आपको आंख मारने और संसद में गतिरोध पैदा करने से फुर्सत मिल जाय तो इन तथ्यों को जांच लीजिएगा। एनडीए सरकार ने कैबिनेट फैसलों और संसद के जरिए सबसे कठोर कानून संशोधन पास कराए हैं। आप वहां प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?” दूसरे ट्वीट में शाह ने लिखा, “अच्छा होता कि कांग्रेस ने जिस तरह बाबा साहेब अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम और सीताराम केसरी के साथ व्यवहार किया है राहुल गांधी उस पर बोलते। कांग्रेस ने लगातार दलितों के साथ अत्याचार किया है।”

भाजपा अध्यक्ष ने आगे लिखा है कि यह कैसा इत्तेफाक है कि जिस साल सोनिया गांधी ने कांग्रेस जॉइन की, उसी साल थर्ड फ्रंट-कांग्रेस की सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण का विरोध किया और जिस साल राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष बने तब उन्होंने SC/ST एक्ट और ओबीसी कमीशन का विरोध किया। शाह ने कहा कि यह कांग्रेस के एंटी बैकवर्ड सोच को दिखाता है। शाह ने व्यंग्य किया कि आपसे रिसर्च और ईमानदारी की उम्मीद करना मुश्किल है लेकिन फिर भी आप राजीव गांधी का मंडल के समय का बयान पढ़ें। उससे आपको समझ आ जाएगा। शाह ने लिखा कि मोदी सरकार ने SC/ST एक्ट को मजबूत करने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए काफी कदम उठाए हैं जबकि कांग्रेस की फितरत दलित नेताओं का अपमान, दलित गौरव का अपमान, मंडल आयोग का विरोध करना और ओबीसी कमीशन को ब्लॉक करने की रही है।

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