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कांग्रेस अध्यक्ष का वीडियो पोस्ट कर बोले अमित शाह- नफरत फैला रहे राहुल गांधी

अमित शाह ने सोशल साइट ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो के जरिए अमित शाह ने आरोप लगाया है है एससी/एसटी एक्ट के बहाने कांग्रेस अध्यक्ष समाज में नफरत फैला रहे हैं। इस वीडियो में राहुल गांधी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि दलितों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है।
कर्नाटक के मैसूर में 30 मार्च को बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक सभा में अमित शाह, दिल्ली में कांग्रेस 29 मार्च को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो-पीटीआई)

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। अमित शाह ने सोशल साइट ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो के जरिए अमित शाह ने आरोप लगाया है है एससी/एसटी एक्ट के बहाने कांग्रेस अध्यक्ष समाज में नफरत फैला रहे हैं। इस वीडियो में राहुल गांधी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि दलितों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है, आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है, एससी/एसटी एक्ट को रद्द कर दिया जाता है। नरेंद्र मोदी जी एक शब्द नहीं बोलते हैं। हालांकि, जनसत्ता डॉट कॉम इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

इस वीडियो को अमित शाह ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है। अमित शाह के वीडियो शेयर करने के बाद इस पर कई लोगों के कमेंट्स भी आए हैं। एक यूजर ने लिखा है, “देश का सामाजिक ताना-बाना बिगाड़ने का काम राजनैतिक तुष्टिकरण के चलते कांग्रेस ने ही किया है!” (वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें)

आपको बता दें कि बीते सोमवार को (02-04-2018) कई दलित संगठनों ने भारत बंद कराया था। भारत बंद के दौरान देश के कई हिस्सों में जबरदस्त हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी। इस हिंसा में अलग-अलग जिलों में करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग जख्मी हो गए थे। हिंसक प्रदर्शन को शांत करा रहे कई पुलिसकर्मी भी इस दौरान जख्मी हुए थे। दलित संगठनों की मांग थी कि एससी/एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किये गये संशोधन को वापस लिया जाए।

क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने ?

सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के दुरुपयोग को रोकने को लेकर गाइडलाइन जारी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कानून के उल्लंघन के मामले में सरकारी कर्मी की तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी। सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी सिर्फ सक्षम अथॉरिटी की इजाजत से होगी। एक्ट के तहत आरोपी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, तो उसकी गिरफ्तारी एसएसपी की इजाजत से होगी। अदालतों के लिए अग्रिम जमानत पर मजिस्ट्रेट विचार करेंगे और अपने विवेक से जमानत मंजूर या नामंजूर करेंगे।

 

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