ताज़ा खबर
 

टी-20 योजना से आम चुनाव की जमीन तैयार करेगी भाजपा

भाजपा के शीर्ष कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे इलाके के 20 घरों में जाएं और वहां रहने वाले लोगों के साथ चाय पिएं। इसका मकसद केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता के बीच पहुंचाना और जमीनी स्तर पर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना होगा। इसे लागू करने की जिम्मेदारी भाजपा के सांसदों, विधायकों, पार्षदों व संगठन के शीर्ष नेताओं को सौंपी जाएगी।

Author November 26, 2018 9:30 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Express File Photo)

पंकज रोहिला

लोकसभा चुनाव के दंगल में उतरने से पहले भाजपा ने जमीनी स्तर पर युवाओं को जोड़ने के लिए टी-20 योजना तैयार की है। यह योजना आने वाले दिनों में नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए लागू होगी। इसके तहत भाजपा के शीर्ष कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे इलाके के 20 घरों में जाएं और वहां रहने वाले लोगों के साथ चाय पिएं।
इसका मकसद केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता के बीच पहुंचाना और जमीनी स्तर पर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना होगा। इसे लागू करने की जिम्मेदारी भाजपा के सांसदों, विधायकों, पार्षदों व संगठन के शीर्ष नेताओं को सौंपी जाएगी। पार्टी सूत्र बताते हैं कि इस योजना को लागू करने के लिए पार्टी में बैठकों का दौर भी जारी है। इस कार्य के लिए पार्टी के चुनिंदा नेताओं को पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये पन्ना प्रमुख ही यह तय करेंगे कि उनके पन्ने में आने वाले मतदाता सीधे पार्टी से जुड़ें और इन मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाना भी इन कार्यकर्ताओं की ही जिम्मेवारी होगी। इसके जरिये ही दिल्ली समेत पूरे देश में चुनावी तैयारियों का आगाज होगा। हालांकि दिल्ली के नेता बताते हैं कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जिला व मंडल स्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी है। अब तक इन्हें पन्ना प्रमुखों के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मंडल स्तर पर कमजोर बूथों की श्रेणी होगी तैयार: पूर्व चुनाव परिणामों के आधार पर देशभर में कमजोर बूथों को श्रेणियों में बांटा जाएगा। इनमें चार श्रेणियां तैयार की जाएंगी। इन श्रेणियों के मुताबिक, कमजोर बूथ की जिम्मेदारी संगठन के पदाधिकारी संभालेंगे। इसके बाद अन्य कार्यकर्ताओं को सूची का जिम्मा सौंपा जाएगा। हर टीम को हर बूथ पर 20 नए सदस्य बनाने होंगे।

बूथ के लिए करने होंगे ये काम
दो से तीन सदस्य चुनने होंगे जो बूथ को जीवंत रख सकें।
बूथ स्तर पर लाभार्थी सम्मेलन करना होगा।
बूथ में स्मार्टफोन धारकों की सूची बनानी होगी।
संघ परिवार से नियमित बैठक की व्यवस्था करनी होगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App