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जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी का गठबंधन होगा ‘अनैतिक’

राजनीतिक चिन्तक केएन गोविन्दाचार्य ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी का गठबंधन ‘अनैतिक’ होगा। गोविन्दाचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के बीच यदि गठबंधन होता है तो वह अनैतिक गठबंधन होगा।’’ उन्होंने कहा कि अल्पकालिक फायदे के लिए दीर्घकालिक नुकसान सही नहीं है और भाजपा […]

Author February 18, 2015 6:52 PM
जम्मू कश्मीर के 87 सदस्यीय विधानसभा में पीडीपी के 28 जबकि भाजपा के 25 विधायक हैं।

राजनीतिक चिन्तक केएन गोविन्दाचार्य ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी का गठबंधन ‘अनैतिक’ होगा। गोविन्दाचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के बीच यदि गठबंधन होता है तो वह अनैतिक गठबंधन होगा।’’

उन्होंने कहा कि अल्पकालिक फायदे के लिए दीर्घकालिक नुकसान सही नहीं है और भाजपा के लिए यह कतई अनुचित होगा। गोविन्दाचार्य की यह टिप्पणी जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी द्वारा गठबंधन सरकार बनाने की संभावनाओं के बीच आयी है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में पीडीपी ने 28 और भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की है।

उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘मोदी की नीयत पर संदेह नहीं है लेकिन नीतियों और नीतियों की प्राथमिकता पर ऐतराज है, देश को गरीबपरस्त नीतियों की जरूरत है लेकिन सरकार अमीरपरस्त नीतियां दे रही हैं।’’

भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को किसानों के लिए ‘जानलेवा’ बताते हुए उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश से किसानों और देश का नहीं बल्कि औद्योगिक घरानों का विकास होगा।

गोविन्दाचार्य ने आरोप लगाया कि जिस तरह पूर्व में अधिगृहीत जमीनें या तो लावारिस बंजर पडी हैं या फिर उनका इस्तेमाल औद्योगिक घराने कर रहे हैं, उसी तरह वर्तमान भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के तहत अधिगृहीत जमीनें भी केवल औद्योगिक घरानों के ही काम आने वाली हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान राजग सरकार के घटक दलों ने पिछली सरकार के अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ जनसमर्थन हासिल किया था लेकिन सरकार में आने के बाद राजग के लोग पिछली सरकार से भी ज्यादा खतरनाक अध्यादेश लेकर आये हैं। यह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होगा।

गोविन्दाचार्य ने बताया कि अध्यादेश के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत 20 फरवरी से हो रही है। 24 और 25 फरवरी को दिल्ली में देश भर के हजारों किसान और सामाजिक संगठन धरना देंगे। धरने में अन्ना हजारे और पीवी राजगोपाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।

मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में काशी जीव दया विस्तारिणी गौशाला की 52 बीघा भूमि पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाये जाने को असंवैधानिक एवं अनैतिक बताते हुए गोविन्दाचार्य ने कहा कि 135 साल पहले पंडित मदन मोहन मालवीय ने काशी गौशाला की आधारशिला रखी थी।

उन्होंने कहा कि एसटीपी परियोजना गौशाला से लगभग तीन किलोमीटर आगे प्रस्तावित था लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभाव में राजनीतिक कारणों से जिलाधिकारी द्वारा वहां जमीन का अधिग्रहण ना करके गौशाला की भूमि पर गलत तथ्यों के माध्यम से कब्जा किया जा रहा है।

गोविन्दाचार्य ने आरोप लगाया कि गौशाला भूमि अधिग्रहण मामले में कुछ स्थानीय भाजपा जन प्रतिनिधियों की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले से स्थानीय सांसद एवं देश के प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर अवगत कराये जाने के बाद भी उनकी चुप्पी गौरक्षा आंदोलन को दबाने में स्थानीय प्रशासन के लिए सकारात्मक साबित हो रही है।

गोविन्दाचार्य ने कहा कि गलत तथ्यों के आधार पर गंगा निर्मलीकरण के नाम पर गौशाला की भूमि पर एसटीपी का निर्माण गाय और गंगा रक्षा के लिए घातक है। उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर प्रतिवेदन देने की बात कही।

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