पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटें कवर करने के लिए बीजेपी चार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकालने जा रही है। पहली यात्रा का आगाज 18 सितंबर को होगा और चारों यात्राएं राज्य में कुल चार हजार किलोमीटर कवर करेंगी।
ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पठानकोट जिले में माधोपुर सुजानपुर में एकता स्थल से पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह स्थान भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के मेमोरियल के पास है।
बीजेपी की इस रणनीति के तहत यात्राओं की समाप्ति पर गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पंजाब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस दौरान मनप्रीत सिंह बादल, सुनील जाखड़ भी मौजूद थे।
इस दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान की सरकार उन लोगों को परेशान कर रही है, जो ड्रग्स पर रोक लगाने में उसकी कथित नाकामी पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और AAP सरकार आलोचकों को जवाब देने के बजाय उन्हें निशाना बनाकर ‘तानाशाहों’ की तरह व्यवहार कर रही है।
नशे के अलावा इन मुद्दों पर होगा बीजेपी की यात्राओं का फोकस
केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि बीजेपी की यात्राएं सिर्फ ड्रग्स को लेकर जागरुकता फैलाने तक ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पंजाब की तीन बड़ी चुनौतियों – भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और ड्रग्स की बढ़ती समस्या को भी हाईलाइट करेंगी। बीजेपी का आरोप है कि ये समस्याएं तहसील और पुलिस स्टेशन के स्तर से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक फैली हुई हैं।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि नशे ने पंजाब की पहचान को नुकसान पहुंचाया है। यह समस्या पंजाब की संस्कृति और गुरुओं की धरती की विरासत के लिए बड़ा खतरा बन गई है। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि नशे की वजह से सबसे ज्यादा दुख घर की मांओं और बहनों को झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सेना और खेलों के जरिए देश सेवा के लिए जाने वाले युवाओं को अब नशे की तरफ धकेला जा रहा है।
क्या होंगे यात्राओं के रूट?
पहली यात्रा 18 सितंबर से शुरू होगी। यह यात्रा सुजानपुर से निकलकर पठानकोट, भोआ, दीनानगर, गुरदासपुर, कादियां, श्री हरगोबिंदपुर, बटाला, फतेहगढ़ चूड़ियां, डेरा बाबा नानक, अजनाला, राजा सांसी, अटारी और अमृतसर की पांच विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी।
इसके बाद यात्रा मजीठा, जंडियाला, बाबा बकाला, तरनतारन, खडूर साहिब, खेमकरण, पट्टी, फिरोजपुर सिटी, गुरु हर सहाय, फिरोजपुर ग्रामीण, जीरा, सुल्तानपुर लोधी, भोलाथ, कपूरथला, नकोदर और शाहकोट होते हुए जालंधर कैंट में खत्म होगी।
दूसरी यात्रा 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी। यह यात्रा समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, डेराबस्सी, एसएएस नगर (मोहाली), खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल, होशियारपुर, शाम चौरासी, दसूया, मुकेरियां, उर्मर, आदमपुर, बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा से होकर गुजरेगी। यह यात्रा आखिर में जालंधर में समाप्त होगी।
तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का के सादीकी बॉर्डर स्थित आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक से शुरू होगी। यह यात्रा फाजिल्का, बल्लुआना, अबोहर, जलालाबाद, श्री मुक्तसर साहिब, मलोट, गिद्दड़बाहा, जैतो, कोटकपूरा, फरीदकोट, बाघा पुराना, निहाल सिंह वाला, धर्मकोट, मोगा, जगराओं, रायकोट, दाखा, मलेरकोटला, अमरगढ़, गिल और साहनेवाल से होकर गुजरेगी। यात्रा का समापन लुधियाना अर्बन में होगा।
चौथी यात्रा 21 सितंबर को तलवंडी साबो स्थित गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब से शुरू होगी। यह यात्रा मौर, रामपुरा फूल, भूच्चो मंडी, बठिंडा ग्रामीण, बठिंडा शहरी, मानसा, सरदूलगढ़, बुढलाडा, भदौड़, बरनाला, महल कलां, धूरी, संगरूर, सुनाम, दिरबा, लहरा, शुतराना, नाभा, पटियाला ग्रामीण, पटियाला शहरी, सनौर और राजपुरा से होकर गुजरेगी। यात्रा का समापन जालंधर में होगा।
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