भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को चार महत्वपूर्ण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी। इन नियुक्तियों के बाद अब पार्टी और केंद्र सरकार में बड़े बदलावों की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यह सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि आने वाले समय में केंद्रीय मंत्रिमंडल और बीजेपी की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाइयों में भी फेरबदल हो सकता है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा और दिल्ली के नए प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान किया। जनवरी में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला बड़ा संगठनात्मक कदम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में पार्टी की राष्ट्रीय टीम में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं और इसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी जगह दी जा सकती है।

दिल्ली में लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पंजाब में 76 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों को पार्टी की कमान सौंपी गई है। हरियाणा में 58 वर्षीय अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि त्रिपुरा में 44 वर्षीय अभिषेक देबरॉय को यह जिम्मेदारी दी गई है।

इन नियुक्तियों के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि बीजेपी जल्द ही अपनी संसदीय बोर्ड में बदलाव कर सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि संगठन में यह फेरबदल सरकार में संभावित बदलावों का संकेत भी हो सकता है।

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक चुनाव पूरे होना जरूरी होते हैं। बाकी राज्यों में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद चुनाव कराए जाते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत अब नितिन नवीन लगातार नए फैसले ले रहे हैं और आने वाले समय में कई अहम बदलावों की घोषणा हो सकती है।

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जब 46 वर्षीय नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था, तब से यह चर्चा चल रही थी कि बीजेपी संगठन और सरकार दोनों में युवा चेहरों को आगे बढ़ा सकती है। लेकिन गुरुवार की नियुक्तियों से साफ संकेत मिला है कि पार्टी अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार हर्ष मल्होत्रा और अर्चना गुप्ता दोनों का संगठन और विचारधारा से मजबूत जुड़ाव रहा है। मल्होत्रा को अनुशासित संगठनात्मक नेता माना जाता है, जबकि अर्चना गुप्ता की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में मजबूत पकड़ बताई जा रही है।

विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए पार्टी बना रही है नई रणनीति

पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी 2024 लोकसभा चुनाव में पंजाब में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, इसलिए पार्टी अब विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए नई रणनीति बना रही है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि आने वाले महीनों में सरकार में भी बड़े बदलाव संभव हैं। पार्टी के भीतर यह महसूस किया जा रहा है कि केंद्र सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के तीसरे साल में प्रवेश करने जा रही है और आर्थिक चुनौतियों तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सरकार और संगठन दोनों में नई ऊर्जा लाने की जरूरत है।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी में कुछ नेताओं के बीच सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर असंतोष भी है। ऐसे में सरकार में नए चेहरों को शामिल कर एंटी-इन्कम्बेंसी की भावना को कम करने की कोशिश की जा सकती है। इसी कारण अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

जानकारी के अनुसार, 15 जून के बाद पार्टी और सरकार में और बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। बीजेपी परंपरागत हिंदू मान्यताओं के अनुसार अधिक मास के दौरान बड़े प्रशासनिक और सरकारी फैसले लेने से बचती है। इसलिए इस अवधि के समाप्त होने के बाद नई घोषणाएं होने की संभावना है।

पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि अगले महीने दिल्ली में होने वाले एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के वार्षिक डिनर के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है। इसके साथ ही एनडीए सरकार की दूसरी वर्षगांठ को भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी चल रही है।

इसके अलावा जून और नवंबर में राज्यसभा के 34 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में राज्यसभा के लिए पार्टी जिन नेताओं को चुनेगी, उसका सीधा संबंध संभावित कैबिनेट विस्तार से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दे सकती है। पार्टी राज्यसभा और केंद्रीय मंत्रिमंडल दोनों में महिला नेताओं की संख्या बढ़ाकर महिला आरक्षण के मुद्दे को और मजबूती से आगे बढ़ाना चाहती है।

वहीं, केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने वाले कुछ वरिष्ठ नेताओं को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर भेजा जा सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ हफ्ते बीजेपी संगठन और मोदी सरकार दोनों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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भारतीय जनता पार्टी ने बृहस्पतिवार को अर्चना गुप्ता को पार्टी की हरियाणा इकाई का प्रमुख नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति के साथ ही प्रदेश भाजपा को चार दशक बाद दूसरी महिला अध्यक्ष मिली है। पेशे से डॉक्टर अर्चना गुप्ता फिलहाल हरियाणा भाजपा में पार्टी महासचिव हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को पार्टी की दिल्ली, हरियाणा, पंजाब एवं त्रिपुरा इकाइयों के प्रमुखों की नियुक्ति की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक