दिवाली मनाने के लिए पीएम मोदी नौशेरा ही क्यों पहुंचे थे, वजह है खास

पीएम मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा मैं अपने परिवार के सदस्यों के साथ दीपावली मनाना चाहता हूं, इसलिए यहां आया हूं। उन्होंने तमाम शहीदों को याद करते हुए ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान का जिक्र कई बार किया।

PM Modi, Indian Army, Kashmir
पीएम मोदी ने 4 नवंबर को भारतीय सेना के जवानों संग अपनी आठवीं दिवाली मनाई(फोटो सोर्स: ANI)।

2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय सीमा की सुरक्षा में लगे सेना के जवानों संग दिवाली मनाते आए हैं। 4 नवंबर 2021 को भी पीएम मोदी जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर पहुंचे थे और जवानों मिठाई खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दी। वहीं पिछले साल मोदी दिवाली पर सियाचीन गए थे।

सामरिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत के लिए रणनीतिक रुप से काफी अहम इस सीमावर्ती इलाके से पीएम मोदी पाकिस्तान को कड़ा संदेश देना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने इस बार नौशेरा जाकर दिवाली मनाई। दरअसल पाकिस्तान की नजर नौशेरा इलाके पर हमेशा थी। 1948 में पाकिस्तान इस जगह को हथियाने की फिराक में था। लेकिन उस दौरान ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान के चलते पाक अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया।

बता दें कि ब्रिगेडियर उस्मान नहीं होते तो 1948 में ही नौशेरा भारत के हाथ से निकल जाता। भारतीय सैन्य इतिहास में ब्रिगेडियर उस्मान वीर गति पाने वाले अब तक के सबसे सीनियर सैन्य अधिकारी हैं। नौशेरा में जिस जगह पर दुश्मन देश के गोले से वो शहीद हुए थे, उसी चट्टान पर उनका स्मारक बना हुआ है। आज भी उन्हें ‘नौशेरा का शेर’ कहा जाता है। ब्रिगेडियर उस्मान का दुश्मन खेमें में इतना खौफ था कि पाकिस्तानी सेना ने उनके ऊपर 50 हजार का ईनाम रखा हुआ था।

वैसे नौशेरा का इतिहास शहादत से भरा हुआ है। यहां पीएम मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए उनकी तारीफ की। उन्होंने तमाम शहीदों को याद करते हुए उन्होंने ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान का जिक्र कई बार किया।

पीएम मोदी ने नौशेरा सेक्टर में जवानों से कहा कि मैं अपने परिवार के सदस्यों के साथ दीपावली मनाना चाहता हूं, इसलिए मैं इस त्योहार पर आपसे मिलने आया हूं। उन्होंने जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी क्षमताओं और ताकत ने देश में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित की है।

इस दौरान पीएम ने सर्जिकल स्ट्राइक में यहां की ब्रिगेड द्वारा निभाई गई भूमिका की भी तारीफ की। गौरतलब है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में एक सैन्य अड्डे पर आतंकवादी हमले के जवाब में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार 29 सितंबर, 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक किया था।

Next Story
जम्मू-कश्मीर: घट रहा बाढ़ का पानी, लाखों लोग को अब भी मदद की दरकार
अपडेट