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रामलीला मैदान में पीएमओ, सीएमओ के साथ अमित शाह का भी दफ्तर बनवा रही बीजेपी

कार्यक्रम में यह रणनीति तैयार की जाएगी कि दोबारा से केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी की सरकार कैसे बनाई जाए। कार्यकारिणी की शुरुआत बीजेपी अध्यक्ष शाह के भाषण से होगी।

Author January 11, 2019 12:03 PM
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के चलते पीएमओ का काम रामलीला मैदान से ही होगा। (pti image)

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज यानी शुक्रवार (11 जनवरी) से शुरू हो रही है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में खास तैयारियां की गई हैं। पार्टी यहां एक अस्थाई पीएमओ भी बना रही है। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले यह पार्टी का इस तरह का आखिरी आयोजन होगा। इस वजह से बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। माना जा रहा है कि पीएम अपना अधिकतर वक्त यहीं गुजारेंगे। शायद यह पहला मौका होगा, जब साउथ ब्लॉक से कुछ ही किमी दूरी पर सभी सुविधाओं से लैस पीएमओ बनाया जा रहा है। न केवल पीएमओ, बल्कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और सभी भाजपाई मुख्यमंत्रियों के लिए भी अस्थाई दफ्तर बनवाए गए हैं। इस कार्यक्रम में देश भर के करीब 12 हजार भाजपा नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में यह रणनीति तैयार की जाएगी कि दोबारा से केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुआई में बीजेपी की सरकार कैसे बनाई जाए। कार्यकारिणी की शुरुआत बीजेपी अध्यक्ष शाह के भाषण से होगी। समापन पीएम नरेंद्र मोदी की स्पीच से होगा। खबरों के मुताबिक, इसमें लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। बता दें कि तीन राज्यों में बीजेपी को हाल ही में मिली चुनावी शिकस्त के बाद यह बैठक होने जा रही है। केंद्र सरकार ने गरीब सामान्य वर्ग को जो 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है, उसे चुनावी तैयारियों के मद्देनजर पार्टी की ओर से बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किए जाने की उम्मीद है। यह भी कहा जा रहा है कि कार्यक्रम में ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने और दलितों-आदिवासियों के उत्पीड़न के खिलाफ कानून को मजबूत करने की पहल को जोरशोर से पेश किया जाएगा।

बीजेपी मीडिया सेल के प्रभारी अनिल बलूनी ने कहा कि बैठक में कार्यकर्ताओं को उस संदेश के बारे में विस्तार से बताया जाएगा, जिसे उन्हें वोटरों तक पहुंचाना है। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा, ‘यह पहली सरकार है, जिसने आजाद भारत में अगड़ी जातियों के बारे में सोचा है। इसलिए यह पार्टी के लिए प्रमुख उपलब्धि है।’ बीजेपी नेताओं का मानना है कि गरीब सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के फैसले से पार्टी की सवर्ण जातियों में छवि सुधरेगी। बता दें कि केंद्र द्वारा एससी-एसटी एक्ट को मजबूत करने की दिशा में उठाए कदम के बाद अगड़ी जातियों में बेहद नाराजगी की बात सामने आई थी। एक पार्टी नेता ने कहा कि भले ही इस कदम से पार्टी को अतिरिक्त वोट न मिलें, लेकिन इससे पार्टी का कोर वोटर वापस लौट जाएगा, जो दलितों के हित में उठाए गए कदमों से नाराज था।

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