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मोदी सरकार के 8 सालः समझें- मोदी-शाह की जोड़ी ने BJP को कैसे बना दिया देश की “सबसे बड़ी चुनावी मशीन”

मार्च 2018 तक 21 राज्यों में भाजपा और उसके साथी दलों की सरकारें बन गईं। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ऐसे में भाजपा का मोदी-शाह की जोड़ी में जबरदस्त विस्तार हुआ।

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नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी में भाजपा ने अपना विस्तार किया (फोटो सोर्स: Express)।

केंद्र में मोदी सरकार के आठ साल पूरे हो गये हैं। 2014 में सत्ता में मोदी सरकार आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की लहर देश में कुछ ऐसी रही कि कई राज्यों में उसे सत्ता हासिल करने में सफलता मिली। भाजपा के इस सफलतम काल के लिए मोदी-शाह की जोड़ी को सबसे अधिक श्रेय जाता है।

दरअसल एक तरफ अमित शाह की कुशल रणनीति और दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी की ‘विकासपुरुष’ की छवि ने भाजपा को सबसे बड़ी चुनावी मशीन बनाने में सफलता दिलाई। भाजपा नेताओं का दावा है कि मोदी सरकार पिछले 8 सालो में अमीर और गरीब दोनों के साथ जुड़ने में सक्षम रही है। इसका फायदा राज्यों में भाजपा के विस्तार के रूप में मिला।

2019 में 2014 से बड़ी जीत: भाजपा ने अपने विजय अभियान की शुरुआत 2014 से की और खुद अकेले 282 सीटें जीतीं। वहीं गठबंधन के साथ यह आंकड़ा 336 था। वहीं 2019 में भी भाजपा ने अपनी जीत को दोहराया। 2019 में पार्टी ने लोकसभा की 543 सदस्यीय सीटों में 303 सीटें जीतीं। यह 2014 के लोकसभा चुनावों की तुलना में 21 सीटें अधिक थी। भारतीय राजनीति में पिछले तीस साल के इतिहास में यह सबसे बड़ी जीत रही।

इसके अलावा, मोदी की एक कट्टर हिंदू नेता की छवि ने विपक्ष की उस राजनीति को खत्म करने का काम किया जिसमें विपक्षी राजनीतिक दल खुद को अल्पसंख्यकों और पिछड़ों के मसीहा साबित करने में लगे थे। और उनका वोट पाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। यह भी देखा गया कि पीएम मोदी की लोकप्रियता का मुकाबला करने में विरोधी दल विफल रहे हैं। यह भी साफ है कि राहुल गांधी के मुकाबले पीएम मोदी की छवि काफी अलग और बड़ी है।

शाह की रणनीति: भाजपा को अमित शाह की सशक्त रणनीति का भी काफी फायदा मिला। शाह संगठनात्मक कौशल और सफल रणनीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 2014 की जीत के तुरंत बाद पार्टी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए भाजपा के विस्तार में काफी अहम योगदान दिया। हालांकि 2019 लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें मोदी सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया। इसके बाद भी उनके संगठनात्मक कौशल की मदद भाजपा को मिलती रही।

माना जाता है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भले ही जेपी नड्डा हों लेकिन अमित शाह आज भी पार्टी की चुनावी रणनीति में अपना योगदान देते हैं। 2022 में हुए पांच राज्यों के चुनावों में भाजपा की लोकप्रियता में बढ़त मिली है। पांच राज्यों में पंजाब को छोड़कर भाजपा ने चार राज्यों में सत्ता में दोबारा वापसी की है। आज की ताजा स्थिति यह है कि भाजपा देश में 18 राज्यों में सत्ता पर काबिज है।

2014 से 2019 तक का विस्तार: 2014 में जब 26 मई 2014 को मोदी सरकार आई थी तो भाजपा सिर्फ सात राज्यों में थी। इसमें खुद या अपने सहयोगियों के साथ सरकार में थीं। इनमें पांच राज्यों छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा का शासन था। 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने 2018 तक आते-आते अपने शिखर को हासिल कर लिया।

मार्च 2018 तक 21 राज्यों में भाजपा और उसके साथी दलों की सरकारें बन गईं। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ऐसे में भाजपा का मोदी-शाह की जोड़ी में जबरदस्त विस्तार हुआ। पिछले 8 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जीत ने विपक्ष को हैरान किया है।

आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में भाजपा 17 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में सत्ता में हैं। जो देश का 44% क्षेत्र है और यहां 49.5 प्रतिशत से अधिक आबादी रहती है। इन 17 राज्यों में गोवा, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश हैं। इसमें अकेला केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी है।

हर चुनाव को गंभीरता से लेना: इससे पता चलता है कि भाजपा किस तरह से अपने वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक कैसे मतदाताओं से जुड़ने में सक्षम है। भाजपा की खास बात रही है कि चाहे राष्ट्रीय चुनाव हों, विधानसभा चुनाव हों या स्थानीय निकाय चुनाव हों, पार्टी हर चुनाव को गंभीरता से लेती है।

इन योजनाओं से मोदी सरकार ने बनाई घर-घर में जगह: उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए मोदी सरकार ने हर घर में अपनी छाप छोड़ी। इसका फायदा भाजपा को लोकसभा के अलावा राज्यों स्तरीय चुनावों में भी मिलता दिखा।

मोदी सरकार के वो फैसले, जिससे पाया जनता का विश्वास: 2019 लोकसभा चुनाव से पहले 26 फरवरी 2019 को भारतीय सेना 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट आतंकवादी कैंप पर एयरस्ट्राइक की। जिसकी इजाजत मोदी सरकार ने दी। इसका आम जनता पर भी काफी असर हुआ। लोगों में संदेश गया कि मोदी सरकार काफी सशक्त है मजबूत फैसले लेने वाली सरकार है। वहीं 2019 में सत्ता वापसी के बाद 5 अगस्त को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टकल 370 हटा दिया।

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