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महापंचायत में किसान ही नहीं छात्र और नेता भी हुए शामिल, भाजपा को डर, कहीं और विकराल न हो जाए आंदोलन

एक दिन पहले ही मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत में समाजवादी पार्टी के साथ, राष्ट्रीय लोकदल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हुए और आंदोलन में किसानों का साथ देने की बात कही।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: January 30, 2021 9:19 AM
मुजफ्फरनगर में किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आयोजित ‘महापंचायत'(पीटीआई फोटो)।

दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर में कृषि कानून के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों को बलपूर्वक हटाने की कोशिश सरकार को भारी पड़ सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के भाजपा नेताओं का मानना है कि जिस तरह से यूपी सरकार ने गाजीपुर में प्रदर्शनस्थल को खाली करने की कोशिश की, उससे आंदोलन और विकराल रूप ले सकता है।

कई नेताओं और सांसदों ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व वाले आंदोलन को खत्म करने के लिए गुरुवार को गाजियाबाद प्रशासन ने जो आदेश दिया और उसके बाद भारी संख्या में पुलिसबल तैनात हुआ, उससे किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं। खासकर जाट समुदाय के लोगों की जिनका उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में मजबूत राजनीतिक प्रभाव है।

इसका एक नजारा शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में रखी गई महापंचायत में भी देखने को मिला। पुलिस के अनुमान के मुताबिक, महापंचायत में 10 हजार से भी ज्यादा लोग जुटे थे। साथ ही पूरा ग्राउंड ट्रैक्टरों, जीप और किसानों से घिरा रहा। कई भाजपा नेताओं का कहना है कि यह आयोजन 2013 के उस आयोजन से भी बड़ा था, जिसके बाद जिले में सांप्रदायिक दंगे हुए थे।

महापंचायत में समाजवादी पार्टी के साथ, राष्ट्रीय लोकदल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हुए और आंदोलन में किसानों का साथ देने की बात कही। इसी के मद्देनजर आयोजन स्थल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया। महापंचायत में लोगों के बीच सहमति बनी कि जब भी जरूरत होगी किसान छोटे-छोटे समूहों में दिल्ली की ओर कूच करेंगे।

गाजीपुर में टिकैत की अपील के बाद किसानों के जुटने पर पश्चिमी यूपी के एक नेता ने कहा, “टिकैत के रोने के दृश्यों ने पूरे समुदाय को भड़का दिया। उनके लिए यह ऐसा था, जैसे उनका बेटा रो रहा हो और अब उन्हें उसका समर्थन करने जाना है। इसी वजह से कई गांवों से लोग प्रदर्शनस्थल की तरफ कूच करने के लिए तैयार हो गए।”

भाजपा के कुछ सांसदों ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को स्थिति को गलत तरह से संभालने का दोषी ठहराया। एक भाजपा सांसद ने कहा कि गाजियाबाद में जो कदम उठाया गया, उससे हरियाणा में प्रदर्शन एक बार फिर भड़क सकता है और पश्चिमी यूपी नया प्रदर्शन का केंद्र बन सकता है।

हरियाणा में टिकैत के समर्थन में उतरे राजनीतिक दल: हरियाणा में कई पार्टियों के जाट नेता टिकैत के समर्थन में उतर आए हैं और लोगों ने गाजीपुर बॉर्डर के साथ सिंघु और टिकरी बॉर्डर की ओर कूच भी शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि किसानों के समर्थन में INLD विधायक अभय चौटाला के इस्तीफे से उनके भतीजे और जजपा अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला पर काफी दबाव पड़ा है। बता दें कि हरियाणा सरकार में 10 सीटों के साथ जजपा 40 सीटों वाली भाजपा की साझेदार है। खुद दुष्यंत सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं।

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