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किसानों पर टैक्‍स? मोदी सरकार के प्रस्‍ताव का बीजेपी सांसद ने किया कड़ा विरोध, कहा- कर नहीं, पहले उनकी आय बढ़ाइये

सिंह ने कहा कि किसान भी देश के अन्य नागरिकों की तरह चाहता है कि वह भी कार में चले।

Author April 30, 2017 3:54 PM
वीरेन्द्र सिंह भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

किसानों को कर दायरे में लाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि ऐसे सुझाव वही लोग दे सकते हैं जिनका खेती से दूर दूर तक कोई लेना नहीं देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की सारी प्राथमिकता यही है कि किसानों की आय किस प्रकार अधिक से अधिक हो। नीति आयोग के सदस्य विवेक देबरॉय के कृषि आय पर कर लगाने के सुझाव का कड़ा विरोध करते हुए सिंह ने कहा कि गर्मी, धूप, सर्दी तथा बरसात में किस तरह किसान अपनी खेती की रक्षा करता है, इस बात को केवल वही समझ सकता है जो कृषि क्षेत्र से जुड़ा हो। जिनका खेती से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है वही किसानों की आय पर कर लगाने का सुझाव दे सकते हैं। सिंह ने कहा कि किसान भी देश के अन्य नागरिकों की तरह चाहता है कि वह भी कार में चले। उसके बच्चे भी बडे स्कूलों में पढ़ें। पर यह सब तभी होगा जब किसान की आय बढ़े। सरकार की प्राथमिकता पहले किसान की आय बढ़ाने की है। कर लगाकर आप एक तरह से कृषि को हतोत्साहित ही करेंगे।

उल्लेखनीय है कि देबराय का यह सुझाव आने के बाद स्वयं वित्त मंत्री अरूण जेटली को यह सफाई देनी पड़ी कि कृषि आय पर कर लगाने की सरकार की कोई योजना नहीं है। बाद में नीति आयोग ने भी देबराय के इस सुझाव को उनकी निजी राय बताते हुए इससे अपना पल्ला झाड़ लिया था। उनसे जब पूछा गया कि कुछ बड़े लोग कृषि आय की आड़ में कर अपवंचना करते हैं और इसका दुरच्च्पयोग करते हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘यह काम प्रदेश सरकार के अधिकारियों और प्रशासन का है कि वे ऐसे लोगों को पकड़ें न कि इसकी आड़ में किसानों को समृद्धि की ओर बढ़ने से रोका जाये।’’ सांसद ने कहा, ‘‘कृषि हमारे देश की जीवनधारा है। यह कोई व्यवसाय नहीं है बल्कि इससे समानता, सरोकार और संस्कार बनते हैं। किसानों की समृद्धि हमारा लक्ष्य है और हमारी सरकार की पूरी कोशिश है कि हम जल्द से जल्द इस लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर हों।’’

भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह ने कहा, ‘‘मौजूदा भाजपा सरकार का लक्ष्य कृषकों की खुशहाली है। सिंचाई परियोजना, फसल बीमा योजना इत्यादि के अलावा सरकार कई ऐसे कदम उठाने जा रही है जिसका सीधा जुड़ाव किसानों की समृद्धि से होगा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘दलहन फसलों के लिए एमएसपी बढ़ाने के जरिये सरकार ने किसानों को जो प्रोत्साहन दिया है उससे मौजूदा साल में दलहन उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई है। उत्पादन बढ़ने का यह क्रम जारी रहा तो आने वाले वर्षो में हमारी आयात की निर्भरता में भारी कमी आयेगी।’’

इसके अलावा हाल में ही उत्तर प्रदेश सरकार की कृषि रिण माफी ने किसानों के प्रति सरकार के हितैषी रवैये को उजागर किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सरकार की ओर से किसानों को चार पांच दुधारू मवेशी खरीदने के लिए सब्सिडी दिये जाने के फैसले का जिक्र किया और कहा कि इससे किसानों की मुश्किलें कुछ कम होंगी। इस संदर्भ में सिंह ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार में पायी जाने वाली गाय की एक नस्ल गंगातीरी गाय के दूध में कई आयुर्वेदिक तत्व पाये जाते हैं पर इसकी उत्पादकता कम है।

गाय की इस प्रजाति का 12 से 15 लीटर दूध देने वाली गुजरात की विश्व प्रसिद्ध देशी नस्ल गीर गाय के साथ संसर्ग कर संकर नस्ल तैयार की जाए। इससे संकर नस्ल की गाय के दूध की न केवल उत्पादकता बढ़ेगी बल्कि दूध की गुणवत्ता भी बेहतरीन होगी। सिंह ने कहा कि उन्होंने यह सुझाव सरकार में उच्च स्तर पर दिया जिसे काफी पसंद किया गया। सरकार इस प्रस्ताव की व्यवहार्यता का पता लगा रही है।

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