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वीडियो: बीजेपी सांसद ने गंभीरता से रखी ‘पुरुष आयोग’ बनाने की मांग, लगे ठहाके

जब पूरी दुनिया में महिला अधिकारों की मांग का झंडा बुलंद किया जा रहा हो। यूपी के मऊ जिले की घोसी संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर ने पुरुष अधिकारों की मांग उठाई है।

पीएम मोदी के साथ संसद में पुरुष आयोग की मांग उठाने वाले सांसद हरिनारायण राजभर। फोटो- फेसबुक/Harinarayan Rajbhar

ऐसे वक्त में जब पूरी दुनिया में महिला अधिकारों की मांग का झंडा बुलंद किया जा रहा हो। यूपी के मऊ जिले की घोसी संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर ने पुरुष अधिकारों की मांग उठाई है। शुक्रवार (3 अगस्‍त) को सांसद राजभर ने शून्यकाल में संसद में पुरुषों के अधिकारों के संरक्षण के लिए पुरुष आयोग बनाने की मांग उठाई। सांसद ने कहा कि वर्तमान समय में पुरुषों पर भी महिलाएं अत्याचार कर रही हैं। ऐसे में उनके हितों की सुरक्षा के लिए भी आयोग के गठन की जरूरत है।

बता दें कि शुक्रवार को सांसद ने शून्य काल में महिलाओं के उत्पीड़न से पीड़ित पुरुषों की व्यथा को उठाया। सांसद ने महिला पीड़ित पुरुषों की सुनवाई और उन्हें जल्द न्याय प्रदान करने हेतु पुरुष आयोग के गठन की मांग उठाई। सांसद ने कहा कि देश में बड़ी संख्या ऐसे पुरुषों की भी है जो महिलाओं के सताए हुए हैं। उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं होती है।

सांसद ने आगे कहा, ”नारी उत्पीड़न की धाराओं के तहत भी एकतरफा सुनवाई की जा रही है। पुरुष घर से लेकर कार्यस्थल तक में भी कई बार महिलाओं के अत्याचार के शिकार हो जाते हैं। ऐसी दशा में देश में पुरुष आयोग का भी गठन किया जाना चाहिए जिसमें पुरुषों की सुनवाई हो और उन्हें न्याय मिल सके। देश में जिस तरह महिला आयोग, एससी—एसटी आयोग आदि संबंधित पक्ष के उत्पीड़न की शिकायतों को सुनकर उन्हें न्याय प्रदान करते हैं। उसी प्रकार पुरुष आयोग भी पीड़ित पुरुषों की सुनवाई करे।” सांसद की बातों को सुनकर सदन में जमकर ठहाके लगे। यहां तक कि सदन में मौजूद पांच महिला सांसद भी अपनी हंसी नहीं रोक सकीं।

वैसे बता दें कि देश में पत्नी से और महिलाओं से सताए पुरुषों के लिए इंसाफ की बात सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है। महिलाओं के द्वारा पुरुषों के खिलाफ आईपीसी की धारा 498-ए के दुरुपयोग के तमाम मामले सामने आए हैं। 22 मार्च 2015 को सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन चीफ जस्टिस एच एल दत्तू और एके सीकरी की कोर्ट ने माना था कि पुरुष भी अब पत्नियों से पीड़ित हो रहे हैं।

ये बातें कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के एक मामले की सुनवाई करते हुए कही थी। जिसमें घर के आपसी विवाद के बाद पत्नी ने पति और उसके घर वालों पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 498-ए का प्रयोग किया और लड़के के बूढ़े दादा-दादी को भी हिरासत में ले लिया था। बाद में दहेज उत्पीड़न का आरोप साबित नहीं हो पाया था।

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