BJP सांसद ने की थी कांग्रेस गठबंधन की जीत की भविष्यवाणी, उस बैठक में भी हुए शामिल जिसका पार्टी ने किया था बहिष्कार

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुरेश गोपी के कदमों से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कंफ्यूज हो गया है कि आखिर वह किस तरफ हैं, उनके बयान और कदम कई बार पार्टी लाइन से इतर चले जाते हैं।

Suresh Gopi
बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुरेश गोपी (फाइल फोटो)। Source- Instagram @sureshgop

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुरेश गोपी के कदमों से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कंफ्यूज हो गया है कि आखिर वह किस तरफ हैं, उनके बयान और कदम कई बार पार्टी लाइन से इतर चले जाते हैं। हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों के दौरान गोपी खुद बीजेपी प्रत्याशी थे। बावजूद इसके उन्होंने मीडिया के सामने कह दिया ति कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के उम्मीदवार को गुरुवायूर सीट जीतनी चाहिए। उनके इस बयान से सियासी भूचाल आ गया था। माकपा नेताओं ने चुनावों में कांग्रेस-भाजपा के बीच गुप्त समझौते का आरोप लगाया था, जिसके कारण पार्टी की खूब किरकिरी हुई थी।

अब एक बार फिर सुरेश गोपी पार्टी लाइन से अलग खड़े दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण पार्टी आलाकमान नाराज बताए जा रहे हैं। गोपी ने पिछले हफ्ते आईटी पर स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में हिस्सा ले लिया, जबकि पैनल में मौजूद बीजेपी के सदस्यों ने इसका बहिष्कार किया था। कमेटी की बैठक से पहले बीजेपी ने पैनल के अपने सदस्यों को बुलाया था और बैठक का बहिष्कार करने की बात कही थी लेकिन गोपी इस बैठक में मौजूद नहीं थे।

जिसका परिणाम ये हुआ कि बीजेपी पैनल के सदस्यों ने जहां स्टैंडिंग कमेटी की बैठक का बहिष्कार किया तो इसके उलट सुरेश गोपी बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद पहुंचे और वहां जाकर बैठ गए। उनके इस कदम से पार्टी के नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुरेश गोपी राजनेता के साथ साथ अभिनेता और प्लेबैक सिंगर और टेलीविजन होस्ट भी हैं। उन्होंने मलयालम फिल्मों के अलावा तमिल, तेलगू, कन्नड और कुछ बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है।

सुरेश गोपी ने साल 2016 में राजनीति में कदम रखा था। साल 2019 के आम चुनाव में उन्होंने त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, यहां वह हार गए थे। इसके बाद वह केरल विधानसभा चुनावों में भी पार्टी का झंडा लेकर उतरे थे लेकिन हार गए थे।

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