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1976 की नसबंदी जैसी गलती होगी अभी NEET/JEE परीक्षाएं करवाना, भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दी चेतावनी

स्वामी ने कहा कि 'जैसे 1976 में कांग्रेस सरकार ने नसबंदी का फैसला किया था, उसके चलते 1977 में इंदिरा गांधी की सरकार उलट-पुलट हो गई थी। उसी तरह कोरोना माहमारी में NEET/JEE की परीक्षा कराना भी एक गलती होगी।

neet jee exam subramanian swamy nasbandi indira gandhiभाजपा सांसद ने नीट/जेईई की परीक्षा कराने को लेकर सरकार को चेताया है।

सरकार ने कोरोना संकट के बीच भी मेडिकल और इंजीनियरिंग के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा NEET/JEE को आयोजित कराने का फैसला किया है। हालांकि सरकार के इस फैसले का विरोध भी हो रहा है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को चेताया है। स्वामी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘यदि मोदी सरकार अभी NEET/JEE की परीक्षा थोपने का फैसला करती है तो यह एक बड़ी गलती होगी।’

स्वामी ने कहा कि ‘जैसे 1976 में कांग्रेस सरकार ने नसबंदी का फैसला किया था, उसके चलते 1977 में इंदिरा गांधी की सरकार उलट-पुलट हो गई थी। उसी तरह कोरोना माहमारी में NEET/JEE की परीक्षा कराना भी एक गलती होगी। भारतीय मतदाता चुपचाप सब सहन कर लेते हैं लेकिन उनके मन में यादें लंबे समय तक रहती हैं।’ बता दें कि सुब्रमणयन स्वामी के अलावा दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी , राहुल गांधी और अधीर रंजन चौधरी ने भी पीएम मोदी से अपील की है कि नीट और जेईई की प्रवेश परीक्षा टाल देनी चाहिए।

बता दें कि सुब्रमण्यन स्वामी लगातार NEET/JEE प्रवेश परीक्षा को स्थगित करने की मांग उठा रहे हैं। स्वामी का कहना है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण छात्रों और उनके परिवारों को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने में काफी परेशानी होगी। उनका कहना है कि कोरोना के 50 फीसदी से अधिक मामले अब ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं, जिसके चलते गरीब छात्रों को लॉकडाउन के बीच परिवहन भी एक बड़ी समस्या रहेगी।

स्वामी का कहना है कि कुछ छात्रों के परीक्षा केन्द्र 500 किलोमीटर दूर तक हैं। ऐसे में छात्रों को एक दिन पहले परीक्षा केन्द्र वाली जगह पहुंचना होगा। जिससे उनके कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा।

कोरोना के चलते कई राज्यों में बस और ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। ऐसे में गरीब छात्रों को परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का इंतजाम करना होगा, जो कि काफी खर्चीला होगा। पूर्वोत्तर और बिहार इन दिनों भयंकर बाढ़ से जूझ रहे हैं, ऐसे में वहां नीट और जेईई की परीक्षा कराना और भी मुश्किल भरा है। भाजपा सांसद ने ये भी तर्क दिया है कि कोरोना संक्रमण से संक्रमित काफी छात्र क्वारंटीन नियमों का पालन करने के चलते परीक्षा की तैयारी भी ठीक से नहीं कर पाए हैं।

स्वामी ने बताया है कि उन्होंने NEET/JEE की प्रवेश परीक्षा रद्द करने के लिए पीएम को पत्र लिखा है और सुझाव दिया है कि परीक्षा दिवाली के बाद आयोजित करायी जाए। बता दें कि इससे पहले नीट और जेईई की परीक्षा स्थगित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हालांकि कोर्ट ने यह कहकर कि कोरोना के कारण छात्रों का एक साल बर्बाद नहीं होने दे सकते, याचिका को खारिज कर दिया था। देश में जेईई मुख्य परीक्षा एक सितंबर से 6 सितंबर के बीच आयोजित होगी। जेईई एडवांस्ड परीक्षा 27 सितंबर को आयोजित होगी। नीट का एग्जाम 13 सितंबर को होना है।

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