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NSO Pegasus Project पर बीजेपी सांसद की मांग- कुछ छिपाने को नहीं तो इजरायल पीएम को खत लिखें मोदी और पता लगाएँ किसने दिया पैसा

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को चाहिए कि वह इजरायली पीएम को पत्र लिखें और कहें कि सच का पता लगवाइए कि किसने जासूसी के लिए सॉफ्टवेयर कंपनी को पैसे दिए हैं।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। फोटो क्रेडट ट्विटर हैंडल @dharma2x

पेगासस सॉफ्टवेयर से कथित जासूसी मामले में विपक्ष सरकार को घेर रहा है और प्रधानमंत्री मोदी समेत भाजपा के बड़े नेताओं के खिलाफ जांच की मांग कर रहा है। इसी बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि अगर हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो प्रधानमंत्री मोदी को चाहिए कि वह इजरायली पीएम को पत्र लिखें और एनएसओ पेगासस प्रोजेक्ट का पता लगाएं। यह भी पता लगाया जाए कि इसके लिए किसने खर्च किया।

स्वामी ने अलजजीरा की एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि क्या भारत एक प्राइवेट कंपनी की दया पर निर्भर है? जिस खबर को उन्होंने ट्विटर पर साझा किया उसमें विपक्ष के आरोपों का जिक्र किया गया है। इसमें लिखा गया है कि विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी पर गद्दारी का आरोप लगाया है और कहा है कि उन्होंने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया।

अलजजीरा के मुताबिक पेगासस को बनाने वाले इजरायल के एनएसओ ग्रुप ने अपने क्लाइंट्स के लिए भारत के लगभग एक हजार फोन नंबरों को अपनी सूची में रखा था। वहीं दुनियाभर के 50 हजार लोगों को टारगेट किया गया जिसमें कई ग्लोबल लीडर भी शामिल हैं। भारत में ऐमनस्टी इंटरनेशनल ने उन 300 लोगों का नाम लीक किया जो इस मालवेयर के निशाने पर थे। इसमें कई बड़े राजनेता, दर्जनों पत्रकार, कारोबारी और मोदी सरकार के दो मंत्री भी शामिल हैं। वहीं राहुल गांधी का भी नाम इस सूची में शामिल है।

विपक्ष चाहता है सुप्रीम कोर्ट दे दख़ल
मंगलवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में दखल देना चाहिए औऱ जांच के आदेश देने चाहिए। वहीं राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेकर अविलंब जांच के आदेश देने चाहिए क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक जांच के लिए उपयुक्त केस है जिससे आरोप-प्रत्यारोप की जगह सच्चाई सामने आ जाएगी।

गहलोत ने एक ट्विटर पोस्ट में लिखा, जासूसी किए गए लोगों में राहुल गांधी का भी नाम आया है। पता नहीं यह लिस्ट कहां जाकर रुकेगी। जब दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया था तो सरकार को इसे गंभीरता से लेते हुए जांच करवानी चाहिए थी। जैसा कि बताया गया है कि यह सॉफ्टवेयर सरकारों को ही बेचा जाता है। यह अत्यंत गंभीर विषय है।

कर्नाटक में सरकार गिराने के दौरान जासूसी के आरोप
कांग्रेस का कहना है कि जब कर्नाटक में सियासी उथल पुथल चल रही थी, उस दौरान भी भाजपा ने पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके लोगों की जासूसी करवाई थी। आरोप है कि भाजपा जासूसी का इस्तेमाल करके कांग्रेस की सरकारों को गिराने का काम करती है।

फ्रांस ने दिए जांच के आदेश
फ्रांस सरकार ने पेगासस जासूसी मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। फ्रांस को शक है कि मोरक्को की खुफिया एजेंसी ने उसके पत्रकारों की जासूसी करवाई। वहीं अब यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के फोन की भी जासूसी की जा रही थी। और इसके पीछे मोरक्को का हाथ था।

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