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‘कोरोना से युद्ध की कमान गडकरी को सौंपने की सलाह मान लेते मोदी तो सरकार के नियंत्रण में रहती महामारी’, भाजपा MP का फिर केंद्र पर हमला

भाजपा के सांसद स्वामी ने कुछ दिनों पहले ही कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई का मोर्चा गडकरी को सौंपने की वकालत करते हुए पीएमओ के अधिकारियों को सनकी बता चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कटु आलोचक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद डॉ सुब्रमण्यम स्वामी। (express file)

भारत में कोरोनावायरस महमारी से संक्रमितों और मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच विपक्ष के साथ-साथ भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी भी लगातार केंद्र पर हमला कर रहे हैं। हाल ही में स्वामी ने पीएम मोदी को सलाह दी थी कि वे कोरोना से लड़ाई की कमान नितिन गडकरी को सौंप दें। अब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी के लिए कमेटी बनाने के फैसले को लेकर भी स्वामी ने तंज कसा है।

क्या बोले सुब्रमण्यम स्वामी?: भाजपा सांसद ने ट्वीट कर कहा, “अगर मोदी ने मेरे गडकरी वाले प्रस्ताव मान लिया होता तो कोरोनावायरस से युद्ध सरकार के नियंत्रण में रहता। अब सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी नियुक्त कर दी है, जिस प्रस्ताव पर सॉलिसिटर जनरल (एसजी) ने आत्मसमर्पण कर दिया (गृह मंत्री के आदेश पर)। एक लोकतंत्र में यह सरकार के खिलाफ आदेश है।”

पीएमओ की टीम को बताया था सनकी: स्वामी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “हम अब तीन मोर्चों पर युद्ध जैसी स्थिति में हैं: अर्थव्यवस्था, चीन और कोरोनावायरस महामारी पर।” बता दें कि राज्यसभा से भाजपा के सांसद स्वामी ने कुछ दिनों पहले ही कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई का मोर्चा गडकरी को सौंपने की वकालत करते हुए पीएम कार्यालय (पीएमओ) के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कहा था कि हमें इस संकट से निपटने के लिए गंभीर प्रबंधन करने वाली टीम चाहिए, जो कि प्रतिक्रिया पर निगरानी रख सके और योजना तैयार कर सके। न कि पीएमओ की सनकी टीम।”

चीन को लेकर भी चेतावनी दे चुके हैं स्वामी: एक दिन पहले ही सुब्रमण्यम स्वामी ने देश की चिंताएं बढ़ाते हुए कहा था कि मुसीबत की इस घड़ी में चीन ने अपनी सेना, पीएलए की अतिरिक्त कुमुक वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार लद्दाख में भेज दी है ताकि भविष्य में वह हमला कर सके। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा था कि हम लोग भी तैयार हैं लेकिन हमको लोगों की जान के रूप में बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत ने पहले गलती की। हमें चीनी सैनिकों के वापस जाने तक कैलाश रेंज से हटना ही नहीं चाहिए था।

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