सरकार नहीं खरीद सकती सफेद हाथी- बिड़ला का जिक्र कर बोले BJP सांसद

कारोबारी कुमार मंगलम बिड़ला ने कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया कंपनी के गैर कार्यकारी पद से इस्तीफा दे दिया। घाटे में चल रही कंपनी के अधिग्रहण की कयासबाजी पर बीजेपी राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ऐसे सफेद हाथियों को नहीं खरीद सकती है।

Kumar Manglam Birla Vodafone Idea Subramanian Swamy
कुमार मंगलम बिड़ला ने कंपनी के नॉन एग्जिक्यूटिव चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा । Photo- Indian Express

Subramanian Swamy on Kumar Mangalam Birla: कारोबारी कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) ने कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया कंपनी (Vodafone Idea) के गैर कार्यकारी पद से इस्तीफा दे दिया। घाटे में चल रही कंपनी के अधिग्रहण की कयासबाजी पर बीजेपी राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ऐसे सफेद हाथियों को नहीं खरीद सकती है। स्वामी ने गुरुवार को कहा कि बिड़ला पर सरकार का 1.20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। बिड़ला चाहते हैं कि सरकार भुगतान के रूप में वोडाफोन-आइडिया कंपनी का अधिग्रहण करे। अगर यह सच है तो यह बेहद हास्यास्पद है। स्वामी (Subramanian Swamy) के अनुसार सरकार ऐसे सफेद हाथियों को नहीं खरीद सकती। बिड़ला को कर्ज में डूबी कंपनी के बजाय अपनी मुनाफा कमाने वाली कंपनियों की पेशकश करनी चाहिए।

अपनी हिस्सेदारी छोड़ने की पेशकश की थी: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस्तीफा देने पहले आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कर्ज में डूबी अपनी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी छोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह अपनी हिस्सेदारी सरकार या किसी अन्‍य कंपनी (जिसे सरकार समझे कि वह चला सकती है) को देने के लिए तैयार हैं।

सरकार की तरफ से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया: सरकार की तरफ से बिड़ला की इस पेशकश पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार सरकार टेलीकॉम सेक्टर को राहत देने के लिए पैकेज का ऐलान कर सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस महीने के आखिर में ऐसी कोई घोषणा की जा सकती है।

बताते चलें कि जब से वोडाफोन आइडिया कंपनी का मर्जर हुआ है तब से कंपनी ने किसी भी क्वार्टर में फायदा नहीं कमाया है। इसके उलट ग्राहकों में लगातार गिरावट दर्ज होती चली गई। जिसका परिणाम यह हुआ कि कंपनी पर अब 1.80 लाख करोड़ रुपए का बकाया है।

यह पहला मौका नहीं है जब सुब्रमण्यम स्वामी ने खुलकर सरकार के किसी फैसले के आम होने से पहले उसकी आलोचना की हो। बेबाक स्वामी अक्सर सरकार के कदमों का विश्लेषण अपने अंदाज में करके सार्वजनिक तौर पर आलोचना करने में गुरेज नहीं करते हैं। हाल ही में उन्होंने सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की आलोचना करते हुए कहा था कि यह कुछ भी नहीं सिर्फ खिचड़ी है।

कुमार मंगलम बिड़ला ने बुधवार को वोडाफोन आइडिया (VI) के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था। वर्तमान में हिमांशु कपानिया कंपनी में नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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