जिनपिंग ‘मास्टर प्लानर’, बना सकते हैं बेवकूफ, मोदी संग 18 बैठकों में क्या हुआ, कोई रिकॉर्ड नहीं- बोले BJP सांसद

स्वामी (Subramanian Swamy) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 18 मुलाकातें वन-टू-वन हुई हैं। इन मुलाकातों के दौरान ही चीन ने देपसांग इलाके पर कब्जा कर लिया था।

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पीएम मोदी और शी जिनपिंग की 18 मुलाकातें हो चुकी हैं: सुब्रमण्यम स्वामी। Photo Source- AP

Subramanian Swamy on PM Modi: बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) भारत-चीन विवाद पर खुलकर अपनी राय व्यक्त करने से पीछे नहीं हटते हैं। पिछले दिनों एक टीवी चर्चा के दौरान उन्होंने चीन की नीतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक मास्टर प्लानर हैं जो बिना समय गंवाए भारत को बेवकूफ बनाने में गुरेज नहीं करेंगे। स्वामी (Subramanian Swamy) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 18 मुलाकातें वन-टू-वन हुई हैं। इन मुलाकातों के दौरान ही चीन ने देपसांग इलाके पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे साफ हो सके कि पीएम मोदी ने जिनपिंग के सामने देपसांग का मुद्दा उठाया हो।

पीएम मोदी पर हमलावर रुख अख्तियार जारी रखते हुए हुए स्वामी ने समाचार चैनल ‘न्यूज एक्स’ के कार्यक्रम ‘दी राउंडटेबल विद प्रिया सहगल’ में कहा कि पिछले सात सालों में आप चीन के साथ मुद्दा सुलझाने का तरीका नहीं ढूंढ सके। बातचीत के दौरान ही चीन ने देपसांग और डेमचोक इलाके में घुसने की कोशिश की। इन सबके बावजूद हम बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल ही बनाते रहे। बकौल स्वामी, भारत ने कैलाश रेंज की चोटियों से खुद को पीछे कर लिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि चीनी यहां घुस आए। अगर हम कैलाश रेंज पर बने रहते तो चीन की हरकतों पर ऊपर से निगरानी कर सकते थे।

सुब्रमण्यम स्वामी ने सवालिया लहजे में पूछा कि हम किस आधार पर चीन के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह से चीन पाकिस्तान का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने की तैयारी कर रहा है। स्वामी के अनुसार चीन, पाकिस्तान पर अपना प्रभुत्व बढ़ा रहा है। वहां की सिविल सोसाइटीज में चीन का वर्चस्व बढ़ रहा है, वह वहां के लोगों को पैसा दे रहा है, उनकी लाइफ स्टाइल में बदलाव ला रहा है। स्वामी के अनुसार भारत की कुछ नीतियों से परेशान होकर श्रीलंका ने भी चीन की मदद स्वीकार कर ली है।

भारत के अपने पड़ोसी देशों के साथ बिगड़तों रिश्तों पर स्वामी ने सहमति जताते हुए कहा कि अमेरिका के साथ हमारे रिश्ते कितने भी मधुर हो जाएं वह हमारी मदद सिर्फ हथियारों के माध्यम से ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हथियार हैं लेकिन उनको इस्तेमाल करने की कुछ शर्ते हैं, अगर आप रुस के हथियारों का इस्तेमाल करते हैं जिनमें चीन के उपकरणों का इस्तेमाल है तो आपको यह हथियार नहीं दिए जाएंगे।

सुब्रमण्यम स्वामी को अपने बेबाक अंदाज के लिए ही जाना जाता है। य़ह पहला मौका नहीं है जब वह विदेश मामलों को लेकर मोदी सरकार का घेराव कर रहे हो, इससे पहले भी वह कई मौकों पर मौजूदा मोदी सरकार को कटघरे में खड़े कर चुके हैं। एक टीवी चैनल कार्यक्रम में स्वामी ने कहा था कि चीन को लेकर भारत का रवैया संतोषजनक नहीं है, जिस तरह हमने चीन को गलवान औऱ कैलाश रेंज से भगाया है, उसी तरह का रुख हमें और जगहों पर भी अपनाना चाहिए लेकिन सरकार बातचीत के रास्ते पर आ जाती है।

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