ताज़ा खबर
 

इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर BJP सांसद ने रखा मत, पर Youtube ने हटाया वीडियो; स्वामी बोले- मुकदमा करने पर विचार

सुब्रमण्यम स्वामी का यूट्यूब के खिलाफ बयान ऐसे समय में आया है, जब केंद्र सरकार पहले ही सोशल मीडिया कंपनियों से नए आईटी नियमों को लागू कराने को लेकर उलझी है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: May 28, 2021 9:48 AM
भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। (फोटो- PTI)

कोरोना, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार को लगातार घेरने वाले भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी अब यूट्यूब से अपनी चर्चा के एक वीडियो को हटाए जाने को लेकर नाराज हो गए हैं। इस वीडियो में स्वामी ने एक रक्षा मामलों के जानकार के साथ इजराइल-फलस्तीन और गाजा के कट्टरपंथी संगठन हमास के बारे में बातचीत की थी। हालांकि, अब यह वीडियो यूट्यूब पर मौजूद नहीं है।

क्या बोले भाजपा सांसद: राज्यसभा से भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा, “दो रविवार पहले वीएचएस ज्ञान गंगा प्रोग्राम में मैंने और रक्षा मामलों के जानकार अभिजीत अय्यर ने आतंकी संगठन हमास के खिलाफ गाजा में इजराइल की बमबारी के बारे में चर्चा की थी। यह कार्यक्रम इतना प्रभावी और कारगर था कि यूट्यूब ने इस प्रोग्राम की स्क्रीनिंग ही हटा दी। निराश करने वाली बात।”

स्वामी ने अपने एक अन्य ट्वीट में बताया, “मैं हमास के हमलों के खिलाफ इजराइल के बचाव पर दिए गए बयानों और अभिजीत अय्यर के साथ की गई अपनी बातचीत के वीडियो को हटाए जाने के खिलाफ अमेरिका के जाने-माने वकीलों से यूट्यूब पर मुकदमा चलाने पर बात कर रहा हूं।”

बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी का यूट्यूब के खिलाफ बयान ऐसे समय में आया है, जब केंद्र सरकार पहले ही सोशल मीडिया कंपनियों से नए आईटी नियमों को लागू कराने को लेकर उलझी है। हालांकि, जहां गूगल और यूट्यूब ने नए नियमों का मानने का ऐलान किया है, वहीं ट्विटर और वॉट्सऐप जैसी कंपनियों ने इस पर आपत्ति जताई है।

सोशल मीडिया यूजर्स ने जताया गुस्सा: सुब्रमण्यम स्वामी के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी यूट्यूब पर जमकर निशाना साधा। यूजर @rameshnswamy ने लिखा, “यूट्यूब का जागृत नेतृत्व हमास को शांतिप्रिय संगठन दिखाने के झूठे नैरेटिव को बढ़ाने के लिए मेहनत कर रहा है और इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार को नजरअंदाज करने में जुटा है। यह वीडियो हटाना इसी नैरेटिव का हिस्सा है।” एक और यूजर @mtshubhangi ने लिखा, “दुनियाभर की सोशल मीडिया वामपंथियों द्वारा फंड की जाती हैं। अगर वे अमेरिकी राष्ट्रपति को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से रोक सकते हैं, तो वे कुछ भी कर सकते हैं। सरकार को ठीक करने वाले ऐक्शन लेने चाहिए।”

Next Stories
ये पढ़ा क्या?
X