अमेरिका ने कही चीन से रिश्ते सुधारने की बात, भाजपा सांसद स्वामी का सरकार पर तंज- वाह! बड़ी कामयाबी है

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर मोदी सरकार की विदेश नीति पर तंज कसा है। यूएन में चीन पर दिए गए जो बाइडन के बयान पर उन्होंने कहा, ये तो बड़ी उपलब्धि है!

जो बाइडन और पीएम मोदी के अमेरिका पहुंचने की तस्वीर। क्रेडिट- जो बाइडन और पीएम मोदी का ट्विटर हैंडल

भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी अकसर मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहते हैं। मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी वह सवाल उठाते रहे हैं। चीन के साथ संबंध को लेकर कई बार वह सरकार की तुलना ‘पंचतंत्र के चमगादड़’ से कर चुके हैं। ट्विटर पर जब एक शख्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के यूएन में दिए गए भाषण का जिक्र किया तो एक बार फिर भाजपा सांसद ने केंद्र पर तंज कस दिया। दरअसल यूएन में बाइडेन ने कहा था कि वह अब चीन के साथ शीत युद्ध नहीं चाहते हैं।

बाइडन ने कहा था, ‘अमेरिका किसी भी देश के साथ काम करने को तैयार है।’ उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि अगर किसी क्षेत्र में असहमति होती है तो भी वह इस चुनौती को स्वीकार करने को तैयार हैं। उनके इस बयान को न सिर्फ चीन बल्कि अफगानिस्तान के साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है। इसी बात पर टिप्पणी करते हुए स्वामी ने स्वामी ने कहा, वाह! ये तो बड़ी उपलब्धि है। बाइडेन को भारत का ध्यान है।

इसे पहले एससीओ सम्मेलन से इतर चीनी विदेश मंत्री की तरफ से विवादित सीमा को लेकर कही गई बात पर भी स्वामी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को घेरा था। दरअसल वांग यी ने जयशंकर से कहा था कि भारत और चीन को सिर्फ आपातकालिक प्रतिक्रिया लेने की जगह पर विवादित सीमा पर सामान्य प्रबंधन की ओर ध्यान देना चाहिए। इसे स्वामी ने जयशंकर के लिए तमाचा बताया था।

उन्होंने कहा था कि भारत दुनिया की नजरों में इतना बदनाम कभी नहीं हुआ। एक ट्वीट का रिप्लाई करते हुए स्वामी ने एक बार फिर तंज कसा तो लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी देने लगे।
@NagpurChaHayBey ने ट्वीटर पर लिखा कि बाइडन को मोदी का नाम याद है और इससे चीन के एजेंट्स को परेशानी हो रही है।

@hirak015 ने लिखा कि कल केवल आपने ही कहा था कि अमेरिका में स्वास्थ्य, वैक्सीन और जलवायु को लेकर ही चर्चा होगी। आपने रणनीति और रक्षा समझौतों का कोई जिक्र ही नहीं किया था। आपकी दूरदृष्टि को सलाम है।

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