अफगानिस्तान पर कॉन्फ्रेंस करके समय खराब कर रही मोदी सरकार, चीनियों को निकालना जरूरी- बोले भाजपा सांसद

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर से चीन को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। स्वामी ने कहा कि भारत सरकार, अफगानिस्तान पर सम्मेलन आयोजित करके जनता का पैसा बर्बाद कर रही है।

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अफगानिस्तान पर सम्मेलन आयोजित करके जनता का पैसा बर्बाद कर मोदी सरकार- (फाइल फोटो- ANI)

अफगानिस्तान पर भारत में 10 नवंबर को एक उच्च स्तरीय क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता होने वाली है। इसके लिए भारत सरकार तैयारियों में जुटी है। अब इसी को लेकर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कर कहा है कि भारत सरकार अफगानिस्तान पर सम्मेलन आयोजित करके जनता का पैसा बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा- मुख्य मुद्दा भारतीय क्षेत्र पर चीनी कब्जे का है, 18 बार आमने-सामने की बैठकों के बाद भी ये मुद्दा अनसुलझा है। इसलिए मोदी सरकार को अब केवल एक ही बिंदु पर ध्यान देना चाहिए: चीन को हमारे क्षेत्र से बाहर निकालना”।

इससे पहले भी स्वामी, चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं। पहले स्वामी ने चीन के साथ बातचीत को लेकर सवाल उठाया था। स्वामी ने कहा था कि जब कोई आया नहीं तो बात क्यों? आमने-सामने 18 बार की बैठक, और पीएम मोदी की चीन की यात्राओं के बाद भी, कुछ हासिल नहीं हुआ। हम चीन से बात करने के लिए याचना की मुद्रा में हैं? उन्होंने कहा कि, जो अत्याचारी होते हैं, वो बलवानों के सामने नम्रता से पेश आते हैं, लेकिन निर्बलों के साथ उनका व्यवहार अशिष्ट होता है।

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अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद हो रही ये बैठक भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) स्तर पर होगी और मीटिंग की अध्यक्षता भारत के एनएसए अजीत डोभाल करेंगे। यह बैठक इस प्रारूप की तीसरी मीटिंग है, जिसका उद्देश्य अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करना है। पिछली दो बैठक सितंबर 2018 और दिसंबर 2019 में ईरान में आयोजित किए गए थे। भारत में तीसरी बैठक कोविड महामारी के कारण नहीं हो सकी थी।

10 नवंबर की बैठक में भाग लेने के लिए केंद्र सरकार ने पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान और सभी पांच मध्य एशियाई देशों कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, उजबेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को अक्टूबर में निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि, इस सप्ताह की शुरुआत में पाकिस्तान के एनएसए मोईद यूसुफ ने कहा कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। चीन की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है।

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