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बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रुडी ने संसद में अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा!

सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि बिहार में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये कोई ठोस पहल नहीं की गई है। रूडी ने कहा कि इस बारे में उन्होंने मंत्रालय को कई पत्र लिखे हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

राजीव प्रताप रूडी बिहार में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रस्ताव पर बोल रहे थे। (फाइल फोटो)

बिहार के सारण से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने सोमवार को लोकसभा में अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि बिहार में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

रूडी ने कहा कि इस बारे में उन्होंने मंत्रालय को कई पत्र लिखे हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने इस संबंध में गंडक, घाघरा नदी के बीच डालफिन मिलने का जिक्र किया। रूडी ने कहा कि यह इको टूरिज्म का केंद्र बन सकता है जिसके लिये लोग आर्मेनिया सहित दुनिया के कई देशों में जाते हैं। रूडी ने बिहार में सोनपुर पशु मेले का उदाहरण दिया और कहा कि इस बारे में बिहार सरकार का एक प्रस्ताव भारत सरकार के पास लंबित है। इस पर ध्यान दिया जाए।

वहीं यूपी के मथुरा से पार्टी की सांसद हेमा मालिनी ने भी उत्तर प्रदेश में पर्यटन संबंधी परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिये पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने को लेकर अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार से इस दिशा में जरूरी कदम उठाने की अपील की ।उत्तर प्रदेश में मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि सरकार ने कृष्ण सर्किट के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है जिसके दायरे में मथुरा, बृंदावन और उससे लगे क्षेत्र आते हैं। लेकिन इस योजना की प्रगति के बारे में कहने योग्य कुछ काम नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि इसे समय पर पूरा करने के लिये तेजी से काम आगे बढ़ाये जाने की जरूरत है। इन सवालों पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि पर्यटन से जुड़ी सभी विकास योजनाएं प्रदेश सरकारों के प्रस्ताव के माध्यम से आती है। बिहार से एक प्रस्ताव आया है लेकिन इस संबंध में डीपीआर नहीं प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कृष्ण सर्किट के कार्य की समीक्षा चल रही है।

यह पहली बार नहीं है कि रूडी ने अपनी ही सरकार के मंत्री के खिलाफ संसद में आवाज उठाई है। इससे पहले भाजपा सांसद ने पिछले महीने ही प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर की तरफ से आपदा के समय बीएसएनएल और एमटीएनएल की मुफ्त सेवाओं से जुड़े जवाब पर हस्तक्षेप किया था। रूडी ने सरकारी दूरसंचार कंपनियों की कॉल ड्रॉप को लेकर सवाल खड़े किए थे।

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