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BJP एमपी जयसिधेश्वर शिवाचार्य महास्वामी नहीं दिखा सके सही कागज, लोकसभा सदस्यता जाने का खतरा

शिकायतकर्ता गायकवाड़ ने कहा कि वह महास्वामी को अयोग्य ठहराने के लिए चुनाव आयोग और लोकसभा का रुख करेंगे। वहीं महास्वामी के वकील ने कहा, "हम समिति के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।"

Author Edited By रवि रंजन औरंगाबाद, मुंबई | Updated: February 25, 2020 12:08 PM
सही जाति प्रमाणपत्र नहीं दिखाने की वजह से बीजेपी सांसद जयसुदेश्वर शिवाचार्य महास्वामी की लोकसभा सदस्यता जा सकती है। (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र सरकार की जिला जाति वैधता समिति ने सोमवार को भाजपा सांसद डॉ. जयसिधेश्वर शिवाचार्य महास्वामी के जाति प्रमाण पत्र को अमान्य घोषित कर दिया। इस फैसले से सोलापुर के बीजेपी सांसद के लिए परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि उन्हें लोकसभा से अयोग्य ठहराया जा सकता है। महास्वामी एक लिंगायत शीर हैं। वे सोलापुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। उन्होंने 2019 के चुनाव में कांग्रेस नेता सुशीलकुमार शिंदे और वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रकाश अंबेडकर को हराया था।

उनके चुनाव के बाद वीबीए नेता प्रमोद गायकवाड़ और दो अन्य लोगों ने शिकायत की थी कि महास्वामी लिंगायत हैं, लेकिन एससी आरक्षित लोकसभा सीट से चुने गए हैं। गायकवाड़ ने आगे कहा था कि महास्वामी ने एक फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाया था, जिसमें उनकी जाति को “बेदा जंगम” दिखायी गई है, जो एससी श्रेणी में आता है।

शिकायत के बाद महास्वामी ने अपने वकील के माध्यम से अपने पिता के 1915 के जन्म प्रमाण पत्र सहित तीन दस्तावेज दिए और दावा किया कि वे “बेदा जंगम” जाति के हैं। उन्होंने 1982 में सोलकौर में अक्कलकोट तहसील में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए उसी जाति प्रमाण पत्र का उल्लेख किया है। महास्वामी के वकील संतोष नव्हकर ने समिति के समक्ष कहा, “लिगायत एक संप्रदाय है और इसे जाति के रूप में नहीं कहा जा सकता। ये सभी शिकायतें राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और झूठी शिकायतें हैं।”

हालांकि समिति ने रिकॉर्ड की जांच करने के बाद एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया था कि महास्वामी का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है और वह “जंगम” समुदाय से है जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के अंतर्गत आता है। आदेश में कहा गया है, “बेदा जंगम की अपनी जाति को साबित करने के लिए समिति के सामने एक भी विश्वसनीय सबूत नहीं पेश किया गया था। अभिलेखों में हेरफेर करने के बाद समिति के समक्ष सभी सबूत पेश किए गए थे। शिकायतों के सबूतों के आधार पर यह पता चलता है कि महास्वामी जंगम के हैं, न कि ‘बेदा जंगम’ जाति के।”

तीन सदस्यीय जिला जाति वैधता प्रमाण पत्र में महास्वामी के परिवार के सदस्यों का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उनके भतीजे योगेश्वर सिधमायला शामिल हैं। योगेश्वर के पास ‘जंगम जाति’ का जाति प्रमाण पत्र है, जो ओबीसी के अंतर्गत आता है। समिति ने सक्षम अधिकारी को आदेश दिया है कि वह महास्वामी के झूठे जाति प्रमाण पत्र को जब्त करे और न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज करे।

शिकायतकर्ता गायकवाड़ ने कहा कि वह महास्वामी को अयोग्य ठहराने के लिए चुनाव आयोग और लोकसभा का रुख करेंगे। उन्होंने कहा, “चूंकि वह एससी से संबंधित नहीं है, इसलिए उन्हें अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। हम इसके लिए चुनाव आयोग और लोकसभा का रुख करेंगे।” महास्वामी के वकील ने कहा, “हम समिति के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।”

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