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यूपीः कोरोना की “सुनामी” में हर गांव में कम से कम हुईं 10 मौतें, बलिया में व्यवस्था हो गई थी ध्वस्त- BJP नेता का दावा

भाजपा नेता राम इकबाल सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने महामारी की पहली लहर से सबक नहीं लिया और इस वजह से दूसरी लहर में बड़ी संख्या में संक्रमितों की मौत हुई।

Edited By रुंजय कुमार लखनऊ | Updated: June 27, 2021 11:13 PM
भाजपा नेता राम इकबाल सिंह ने दावा किया कि कोई ऐसा गांव नहीं है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण से 10 लोगों की जान न गई हो। (फोटो- पीटीआई)

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने दावा किया है कि कोविड-19 की पहली लहर से सबक न लेने के कारण दूसरी लहर में हर गांव में कम से कम दस लोगों की मौत संक्रमण से हुई।

भाजपा नेता राम इकबाल सिंह ने शनिवार को जिले के नगरा में संवाददाताओं से कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने महामारी की पहली लहर से सबक नहीं लिया और इस वजह से दूसरी लहर में बड़ी संख्या में संक्रमितों की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि कोई ऐसा गांव नहीं है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण से 10 लोगों की जान न गई हो। उन्होंने संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।

सिंह ने आरोप लगाया है कि बलिया जिले में स्वास्थ्य विभाग की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और आजादी के 75 वर्ष बाद 34 लाख आबादी वाले इस जिले के अस्पतालों में न डॉक्टर हैं और न दवाएं। सिंह से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिछले दिनों बलिया के दौरे के दौरान स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने उन्हें गुमराह किया है तथा सच्चाई नहीं दिखाई। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद एक बार फिर से कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले बढ़ने लगे हैं। कोरोना के नए वैरिएंट के बढ़ते मामलों को लेकर डब्ल्यूएचओ ने भी चेतावनी जारी की है।

उन्होंने कहा कि किसान आज पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं तथा अन्नदाता अब खेती छोड़ने के लिए विवश हो गए हैं। सिंह ने कहा कि गेहूं खरीद पर सरकार ने एमएसपी (न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य) 1975 रुपये कर पिछले वर्ष की खरीद कीमत से केवल 72 रुपये की बढ़ोतरी की है, जबकि किसानों की लागत दोगुना बढ़ गई है।

दूसरी ओर, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पर किसान आंदोलन को भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि टिकैत को आंदोलन को किसान केंद्रित ही रखना चाहिए।

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