BJP has lost seven seats since the formation of Narendra Modi gov-नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से सात सीटें गंवा चुकी है बीजेपी, शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद भी खुश है कांग्रेस - Jansatta
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नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से सात सीटें गंवा चुकी है बीजेपी, शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद भी खुश है कांग्रेस

UP Phulpur, Gorakhpur Lok Sabha Bypoll Election Result 2018 (फूलपुर, गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव नतीजे 2018): केंद्र में सरकार बनाने के बाद से हुए उपचुनावों में बीजेपी के हाथ से चार साल में सात सीटें निकल गईं। ये ऐसी सीटें हैं, जिन पर उपचुनाव के दौरान पार्टी को मुंह की खानी पड़ी। जबकि तीन अन्य सीटें खाली हो चुकी हैं।

Author नई दिल्ली | March 15, 2018 3:35 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-पीटीआई)

केंद्र में सरकार बनने के बाद चार साल के भीतर हुए उपचुनावों में बीजेपी के हाथ से सात सीटें निकल गईं। इनमें चार सीटों पर कांग्रेस, दो पर समाजवादी पार्टी और एक सीट पर लालू यादव की पार्टी राजद से बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी। जबकि तीन अन्य सीटें दूसरे कारणों से बीजेपी की झोली से निकल गई हैं। इसमें कैराना (यूपी), पालघर (महाराष्ट्र) में सीट पार्टी के सांसदों के निधन के कारण खाली हैं, तो गोंदिया (महाराष्ट्र) से बीजेपी सांसद नानाभाऊ पटेल इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। इस प्रकार देखें तो अब बीजेपी के पास बहुमत के आंकड़े 272 से सिर्फ एक सीट ज्यादा 273 है, जबकि 2014 में बीजेपी के पास 282 सांसद थे।

2014 के बाद कहां-कहां गंवाई बीजेपी ने सीटः जब भाजपा मोदी लहर पर सवार होकर केंद्र की सत्ता में पहुंची तो उसके डेढ़ साल के भीतर ही मध्य प्रदेश से बड़ा झटका लगा। यहां पार्टी सांसद दिलीप सिंह की मौत के बाद खाली हुई रतलाम सीट के उपचुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारी। यह हाल तब रहा जबकि 2014 में राज्य की 29 में से 27 सीटें बीजेपी को मिली थीं। इसके बाद दूसरा झटका पंजाब के गुरुदासपुर सीट पर लगा, जब बीजेपी अपने सांसद विनोद खन्ना के निधन के बाद सीट बचा नहीं पाई। उपचुनाव में इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार सुनील सिंह जाखड़ की जीत हुई। 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीट गंवाने वाली कांग्रेस ने इस साल हुए उपचुनाव में राजस्थान की दोनों सीटों अलवर और अजमेर पर कब्जा जमाया। राजस्थान की दोनों सीटें बीजपी सांसदों के निधन पर खाली हुई थीं। अब जाकर बीजेपी यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की फूलपुर सीट भी नहीं बचा पाई।

वहीं, बिहार में हुए अररिया लोकसभा सीट के उपचुनाव में भी बीजेपी को राजद से हार का सामना करना पड़ा। सांसद तसलीमुद्दीन के निधन पर खाली हुई सीट को राजद ने बेटे को लड़ाकर सुरक्षित रखा। हालांकि, बीजेपी सभी चुनाव नहीं हारी है। नोटबंदी के बाद हुए मध्य प्रदेश के शहडौल के नतीजे बीजेपी के पक्ष में गए थे। इसके अलावा मोदी की ओर से छोड़ी गई वडोदरा सीट, असम में सर्बानंद सोनवाल की सीट और महाराष्ट्र की सीटों के उपचुनाव में भी बीजेपी को जीत मिल चुकी है। गोपीनाथ मुंडे की मौत के बाद उनकी बेटी बीजेपी के टिकट पर बीड उपचुनाव जीत चुकी हैं।

कांग्रेस का शर्मनाक प्रदर्शनः लोकसभा उपचुनाव में शर्मनाक प्रदर्शन के बावजूद कांग्रेसी नेताओं के चेहरे पर कोई गम नहीं दिख रहा है, बल्कि बीजेपी की हार पर पार्टी नेता गदगद हैं। कांग्रेस का दोनों सीटों पर वोट शेयर घट गया। 2014 में गोरखपुर में कांग्रेस ने 45 719 वोट और फूलपुर में 56 हजार 127 वोट मिले थे। जबकि उपचुनाव में दोनों सीटों पर कुल मिलाकर 20 हजार से भी कम वोट मिले। पार्टी के यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने इसे प्रगतिशील ताकतों के एकजुट होने की जीत करार दिया। उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि जब कांग्रेस प्रत्याशी उतरे थे, तब बसपा ने सपा का समर्थन नहीं किया था। आखिर में बसपा ने समर्थन का एलान किया, तब तक देर हो चुकी थी।

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