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राम मंदिर मुद्दे का क्रेडिट लेने को शिवसेना-भाजपा में होड़, धड़ाधड़ आ रहे नेताओं के बयान

उद्धव ठाकरे ने अपने एक बयान में कहा है कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना का कोई रोल नहीं है। हालांकि उद्धव ठाकरे राम लला के दर्शन करें इससे कोई परेशानी नहीं है।

Author November 25, 2018 2:43 PM
राम मंदिर मुद्दे पर क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहीं भाजपा और शिवसेना! (file/PTI photo)

राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। भाजपा और शिवसेना दोनों ही राम मंदिर के मुद्दे पर क्रेडिट लेने की कोशिश करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि उद्धव ठाकरे ने शनिवार को अयोध्या पहुंचकर भाजपा पर थोड़ी लीड लेने की कोशिश की, वहीं भाजपा ने विहिप के आयोजन से पूरी तरह से दूरी बनायी है। अब भाजपा नेता मीडिया में आकर राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना का कोई रोल होने से इंकार कर रहे हैं और राम मंदिर मुद्दे को भाजपा का मुद्दा बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को पीटीआई से बातचीत में अपने एक बयान में कहा है कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना का कोई रोल नहीं है। हालांकि उद्धव ठाकरे राम लला के दर्शन करें इससे कोई परेशानी नहीं है। लेकिन अगर बालासाहेब ठाकरे जिंदा होते तो वह उद्धव ठाकरे को वो सब करने से रोकते जो वह कर रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिवसेना को राम मंदिर आंदोलन को बांटना नहीं चाहिए और भगवान राम के श्रद्धालु जानते हैं कि किसने राम मंदिर मुद्दे पर बलिदान दिया है और कौन आगे भी बलिदान कर सकता है।

केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें अखिलेश ने अयोध्या में आर्मी भेजने की मांग की थी। मौर्य ने कहा कि यह उनकी (अखिलेश) निराशा को दिखाता है। यदि अखिलेश सोचते हैं कि 1990 जैसे हालात हो जाएंगे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा, क्योंकि इस समय सरकार का नेतृत्व योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं और हम लोगों को समुचित सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करेंगे और सभी जरुरी कार्रवाई करेंगे। मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करते हुए मौर्य ने कहा कि किसी को भी डरने की जरुरत नहीं है। उत्तर प्रदेश में शांति है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने साफ कहा कि बाबर की याद में कोई भी मस्जिद, स्मारक या किला राम जन्मभूमि पर बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। राम मंदिर बनाने की तारीख के सवाल पर मौर्य ने कहा कि जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तब तक भाजपा या उससे जुड़ा कोई भी संगठन राम मंदिर निर्माण की तारीख नहीं बता सकता।

बता दें कि इससे पहले रविवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अयोध्या में की अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर जमकर निशाना साधा और राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर अध्यादेश लाने की मांग की। भाजपा पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि “पिछले 4 साल से कहा जा रहा है कि मंदिर वहीं बनाएंगे, लेकिन आखिर कब बनाएंगे? ठाकरे ने कहा कि यदि मंदिर नहीं बना सकते तो कहो हमसे कि नहीं हो पाएगा।’ उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर के मुद्दे पर अध्यादेश लाने की मांग की।” वहीं उत्तर प्रदेश के बलिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी शिवसेना की जमकर आलोचना की है। राम मंदिर आंदोलन हाइजैक करने की शिवसेना की कोशिशों पर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि “शिवसेना, राम मंदिर मुद्दा कैसे हाइजैक कर सकती है? वो लोग जिन्होंने उत्तर भारतीयों को पीटा और उन्हें भगा दिया। उनके पास तो मानव जाति की सेवा करने की मानसिकता भी नहीं है, वो भगवान राम की सेवा क्या करेंगे?”

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