बीजेपी ने मणिपुर के लिए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। युमनाम खेमचंद सिंह को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है और वह मणिपुर के नए मुख्यमंत्री होंगे। दिल्ली में मणिपुर के बीजेपी विधायकों की बैठक में यह फैसला लिया गया। बीजेपी विधायकों के अलावा बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा सहित अन्य नेता भी उपस्थित थे।
बीजेपी ने अपने विधायकों और सहयोगी दलों- नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायकों को रविवार को दिल्ली बुलाया था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि पार्टी राज्य में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है।
केंद्र का जताया आभार
मणिपुर से बीजेपी विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह ने कहा, “यह अच्छी बात है कि हमें एक निर्वाचित सरकार, एक लोकप्रिय सरकार मिलने जा रही है। इसमें बहुत देरी हो गई। इसलिए हम इस कदम के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं… हर समस्या का समाधान होता है। मुझे विश्वास है कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और युमनाम खेमचंद के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार के साथ हम समाधान ढूंढ लेंगे।”
कौन हैं बीजेपी नेता युमनाम खेमचंद जो बनेंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री?
12 फरवरी को खत्म होगा राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा की वजह से फरवरी, 2025 में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अगस्त, 2025 में राष्ट्रपति शासन को और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को खत्म होने जा रहा है।
बीजेपी के पास हैं 37 विधायक
60 सदस्यों वाली मणिपुर की विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 31 विधायक चाहिए। बीजेपी के पास 37 विधायक हैं जबकि उसके सहयोगी दलों एनपीपी और एनपीएफ के पास क्रमशः 6 और 5 विधायक हैं। इस तरह एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत है।
2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। जनता दल (यूनाइटेड) ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे। एक सीट विधायक का निधन हो जाने के कारण खाली है।
हिंसा की वजह से बिगड़े हालात
मई, 2023 से ही मणिपुर मैतेई और कुकी-जो समूहों के बीच जारी जातीय हिंसा से जूझ रहा है। इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोगों को अपने घरों से बेदखल होना पड़ा है। कुछ दिन पहले ही मैतेई समुदाय के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। युवक की पहचान मायांगलांबम के रूप में हुई थी, वह मूल रूप से मणिपुर की मैतेई बहुल घाटी में स्थित काकचिंग खुनू का रहने वाला था।
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