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उद्धव, आदित्य के खिलाफ किए ट्वीट तो काले कपड़े से चेहरा ढक शख्स को रस्सी से बांध ले जाया गया कोर्ट, वरुण गांधी बोले- ये लोकतंत्र के लिए खतरनाक

यूपी के पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने कहा, "यह पूरी तरह अमानवीय, गैरकानूनी और अनैतिक है, भारत का नागरिक होने के नाते उस व्यक्ति के भी कुछ अधिकार हैं।"

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: October 31, 2020 1:53 PM
Maharashtra Government, Sameet Thakkarसोशल मीडिया पर यह फोटो काफी वायरल हो रही है, दावा किया गया है कि महाराष्ट्र पुलिस सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ पोस्ट करने वाले व्यक्ति के हाथ बांधकर और मुंह पर काला कपड़ा डालकर नागपुर कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने सोशल मीडिया यूजर समीत ठक्कर की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाई है। समीत पर आरोप है कि उसने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसी पर कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने समीत को गिरफ्तार कर लिया। एक दिन पहले ही ट्विटर पर एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि नागपुर पुलिस समीत के हाथ बांधकर और उसके मुंह पर काला कपड़ा लगाकर कोर्ट में सुनवाई के लिए ले जा रही है। वरुण गांधी ने सरकार की इस तरह की हरकत को गैरकानूनी बताया। साथ ही कहा कि यह लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक है।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में यूपी के पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने कहा, “यह पूरी तरह अमानवीय, गैरकानूनी और अनैतिक है। हर जगह लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीतिक विपक्ष का होना जरूरी है। हमारे पास अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है और किसी व्यक्ति के विचारों के लिए उसके साथ जानवरों जैसा बर्ताव देश को कमजोर करने वाली बात है।”

वरुण गांधी ने सोशल मीडिया पर भी महाराष्ट्र सरकार की हरकत पर गुस्से का इजहार किया। सोशल मीडिया पर समीत की पुलिस कस्टडी की फोटो सामने आने के बाद लोग उद्धव ठाकरे की आलोचना कर रहे हैं। बता दें कि शुक्रवार को नागपुर कोर्ट ने मामले की सुनवाई करने के बाद समीत को 2 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

भाजपा सांसद ने कहा कि किसी भी शख्स के खिलाफ लगे आरोपों का जवाब विपक्ष में आवाज उठाकर या कानूनी रास्ते के जरिए दिया जा सकता है। लेकिन विपक्ष में उठने वाली आवाजों को चुप ताकत के जरिए चुप कराना एक खतरनाक मिसाल पेश करता है। यह आपको अंधेरे की तरफ धकेलता है। खासकर लोकतंत्र के लिए यह बेहद खतरनाक है।

वरुण ने आगे कहा, “यह युवा व्यक्ति (समीत ठक्कर) भारत का नागरिक है और उसे संविधान की ओर से कुछ अधिकार मिले हैं। वह एक इंसान है। उसके पास संविधान के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक होगा, अगर कोई नागरिक अपनी विचारधारा के लिए सुरक्षित नहीं रहता। इससे नागरिक के अधिकारों के हनन की शुरुआत होती है।”

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