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ज्ञानवापी केसः पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब में लिखा कि औरंगजेब ने मंदिर तोड़ वहीं बनाई मस्जिद- ओवैसी के सामने बोले बीजेपी नेता

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर को लेकर हुए सर्वे में हिंदू पक्ष की तरफ से दावा किया गया कि ज्ञानवापी परिसर से शिवलिंग पाया गया है। वहीं मुस्लिम पक्ष उसे फौव्वारा बता रहा है।

Gyanvapi| Kashi| MOSQUE|
ज्ञानवापी मस्जिद (फोटो सोर्स: PTI)

यूपी के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे को लेकर राजनीतिक दलों में जुबानी जंग तेज हो चली है। बता दें कि हाल ही में तीन दिनों तक हुए सर्वे को लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी जान-बुझकर ज्ञानवापी का मुद्दा उठा रही है ताकि हम-आप असली मुद्दों से बहक जाएं। वहीं AIMIM चीफ असदुद्दीन औवैसी भी कह चुके हैं कि ज्ञानवापी में मस्जिद थी और कयामत तक रहेगी।

इस बीच एक टीवी डिबेट में भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और औवैसी के बीच ज्ञानवापी में पाए गये शिवलिंग के मुद्दे पर जबरदस्त बहस देखने को मिली। सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल करते हुए कहा ओवैसी से पूछा कि ओवैसी हमें ये बता दें कि ज्ञान और वापी शब्द का इस्लाम से क्या रिश्ता है? इसके साथ ही त्रिवेदी ने पूछा कि ओवैसी मुझे बतायें कि काशी का इस्लाम से क्या संबंध है?

उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता सलमान खुर्शीद की एक किताब का जिक्र करते हुए कहा, “पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने यूपी चुनाव से पहले ‘अयोध्या राइजिंग’ लिखी। उस किताब में उन्होंने काशी के ऊपर एक चैप्टर लिखा है। जिसमें लिखा कि 1114 से इस मंदिर को बार-बार तोड़ा जाता रहा है लेकिन फिर मंदिर बनता रहा।”

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “किताब में लिखा गया है कि औरंगजेब ने 1669 में काशी में मंदिर को तोड़ा और वहां मस्जिद का निर्माण किया।” सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बात ओवैसी से बड़े वकील सलमान खुर्शीद ने लिखी है। इसपर एंकर ने कहा कि किसी ने क्या लिखा इससे फैसला नहीं होगा। फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगी।

वहीं औवैसी से एंकर ने सवाल करते हुए कहा कि अयोध्या, काशी हो मथुरा हो, यहां जब भी हिंदू अपनी तीर्थ यात्राओं पर जाते हैं तो वहां वो अपने भगवान की पूजा नहीं कर पाते। वहां की मस्जिद की दीवारों को छूकर वापस आते हैं। आखिर ये हिंदू बनाम मुस्लिम क्यों है? ये तो मुगल बनाम भारतीय है। अपने इतिहास को वापस पाने के लिए यह मुगल शासकों के खिलाफ है।

इसपर ओवैसी ने कहा, “तो आप सिर्फ 500 साल की ही बात क्यों कर रहे हैं। मैं तो कहता हूं 2 हजार, 4 हजार साल पहले की बात कीजिए। जैन और बौद्ध अनुयायियों के धार्मिक स्थलों को तोड़कर मंदिर बनाया गया।” औवैसी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि महंगाई, रुपये में गिरावट, बेरोजगारी इसके लिए मुगल शासक जिम्मेदार हैं।

बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर को लेकर हुए सर्वे में हिंदू पक्ष की तरफ से दावा किया गया कि ज्ञानवापी परिसर से शिवलिंग पाया गया है। वहीं मुस्लिम पक्ष उसे फव्वारा बता रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को काशी-विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद मुद्दे पर वाराणसी की अदालत के आदेश को गलत, अनुचित और अवैध करार दिया था।

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