बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग की आलोचना करने को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी चुनावी हार पर आत्ममंथन करने के बजाय देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है।

स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग भारतीय लोकतंत्र की गरिमा का प्रतीक है और दुनिया भर के कई देशों ने इसकी तारीफ की है।

ईरानी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, “आज मैं हैरान हूं कि कांग्रेस के नेतृत्व ने लाहौर के कांग्रेस सेशन का उल्लेख किया। अगर कांग्रेस पार्टी इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है, तो वो पन्ना भी पलटकर कांग्रेस को देश की जनता के सामने प्रस्तुत कर देना चाहिए, जिसके अंतर्गत A.O. Hume ने Viceroy के साथ यह सुझाव साझा किया था कि अगर British Empire का संरक्षण करना है, तो कांग्रेस पार्टी का गठन होना चाहिए।”

ईरानी ने कहा, “British Empire के संरक्षण के लिए जिस कांग्रेस पार्टी को बनाया गया, वो कांग्रेस आज भारत के चुनाव आयोग पर लाहौर कांग्रेस सेशन का उल्लेख करके हमला कर रही है।”

संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश

ईरानी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। उन्होंने पूछा, “क्या कांग्रेस नेतृत्व हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे रहा है, जहां बीजेपी सत्ता में नहीं है।” उन्होंने पूछा कि कांग्रेस क्यों चाहती है कि मर चुके मतदाताओं के नामों को फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए?

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस बात से नाराज है कि मौजूदा लोकतांत्रिक ढांचे में भारत के लोग उसका समर्थन नहीं करते हैं, नतीजतन, अपनी हार पर आत्म-मंथन करने के बजाय, पार्टी चुनाव आयोग पर हमला कर रही है। 

ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए- खड़गे

इससे पहले, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए।

खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी दल, संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकार, संविधान और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए है।

खड़गे ने दावा किया कि राहुल गांधी ने डुप्लीकेट मतदाताओं, संदिग्ध पतों, एक ही पते पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम और फॉर्म-6 से जुड़े सवाल उठाए थे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से इन मुद्दों को लेकर ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर किए गए प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया।

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चुनाव आयोग में पिछले 10 महीनों के दौरान 14 बार दर्ज कराई गई असहमति ने आयोग के कामकाज और फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। यहां क्लिक कर पढ़िए द इंडियन एक्सप्रेस की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।