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लाइव डिबेट में पसीने से भीगे थे संबित पात्रा, तबीयत के बारे में ऐंकर ने पूछा तो बताया, घर में सुबह से बिजली नहीं

भारत में कोरोनावायरस के बढ़ते केसों के बीच अब लगातार वैक्सीन की कमी को लेकर बहस हो रही है। दरअसल, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने बिना देश में वैक्सीन की जरूरतों को समझे करोड़ों वैक्सीन विदेश भिजवा दीं।

बीजेपी नेता संबित पात्रा (फोटो सोर्स- संबित पात्रा ट्विटर)

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते केसों के बीच अब लगातार वैक्सीन की कमी को लेकर बहस हो रही है। दरअसल, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने बिना देश में वैक्सीन की जरूरतों को समझे करोड़ों वैक्सीन विदेश भिजवा दीं। इस पर भाजपा ने भी कहा है कि यह उसके लाइसेंसिंग कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा था और मदद के तौर पर बेहद कम टीके भिजवाए गए हैं। हाल ही में जब इस मुद्दे पर एक टीवी चैनल पर बहस चल रही थी, तो भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा पसीना-पसीना दिखने लगे। पात्रा इस दौरान बीच शो में ही कई बार ग्लास उठाकर पानी पीते दिखे।

पात्रा की यह गतिविधियां एंकर से भी छिप नहीं पाईं और उन्होंने तुरंत ही संबित पात्रा से उनकी तबियत के बारे में पूछा। एंकर रोमाना ईसार खान ने कहा- “संबित आप पानी पी रहे हैं। आप जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आए थे, तो आपको काफी पसीना भी आ रहा था। मुझे फिक्र है, आपकी तबियत ठीक है? आप ठीक हैं?”

इस पर संबित पात्रा ने कहा, “देखिए मेरे घर में आज बिजली नहीं है। मैं इमरजेंसी लाइट में रह रहा हूं। और गर्मी है, क्योंकि मौसम तो गर्मी का है। तो स्वाभाविक रूप से गर्मी तो होगी ही। आज सुबह से बिजली नहीं तो इमरजेंसी लगाकर ही मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। अभी डिबेट भी इसी तरह कर रहा हूं।” इस पर एंकर ने कहा कि कोरोनाकाल है और संकटकाल है इसीलिए सबकी फिक्र होती है और दुआ यही कि सभी ठीक रहें।

कोरोना वैक्सीन निर्यात करने पर क्या बोले पात्रा?: संबित पात्रा से जब पूछा गया कि वैक्सीन के निर्यात पर सरकार का क्या पक्ष है, तो उन्होंने कहा, “कहीं न कहीं भारत ने अपने आप को प्री-कमिट कर लिया। क्योंकि रॉ मैटेरियल हम लाए तो हमने यह करार उस समय कर लिया कि ठीक है हमारी एक कमर्शियल लाएबिलिटी रहेगी।

पात्रा ने कहा कि हमारे पास दो ही विकल्प थे कि या तो हम वैक्सीन के लिए मैटेरियल न लाते, न बनाते, न भेजते और दूसरा विकल्प था कि हम पहले से करार करते, कच्चा माल लाते, वैक्सीन बनाते और उसका कुछ पोर्शन हम बाहर भेजते और कुछ अपने लिए रखते। आप ही बताइए कि ज्यादा अच्छा विकल्प कौन सा है?”

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