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संबित पात्रा बोले- केवल गांधी और मुलायम का परिवार महान, हम सब दो कौड़ी के इंसान, कांग्रेस प्रवक्ता का जवाब

पात्रा ने न्यूज़ एंकर अमीश देवगन से कहा "देखिये भारत के मुख्य न्यायाधीश के बोलने के बाद अब कुछ रह नहीं गया। आज पूरे इस डिबेट में मुझे इस बात का दुख लगा है कि मुख्य न्यायाधीश को भी आड़े हाथ लिया गया। कहा गया कि सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट ने गलत काम किया।"

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: January 13, 2021 10:06 AM
rahul gandhi, sambit patraसंबित पात्रा ने डिबेट शो में कहा केवल गांधी और मुलायम का परिवार महान। (file)

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान राजधानी दिल्ली से सटी सीमाओं पर पिछले 49 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों का आंदोलन जारी है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कानूनों के अमल पर रोक लगाते हुए चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। इसे लेकर कई न्यूज़ चैनलों में डिबेट देखने को मिली।

टीवी चैनल ‘न्यूज़ 18 इंडिया’ के शो ‘आर-पार’ में कोर्ट के इस फैसले पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता संबित पात्रा नाराज़ हो गए। पात्रा ने न्यूज़ एंकर अमीश देवगन से कहा “देखिये भारत के मुख्य न्यायाधीश के बोलने के बाद अब कुछ रह नहीं गया। आज पूरे इस डिबेट में मुझे इस बात का दुख लगा है कि मुख्य न्यायाधीश को भी आड़े हाथ लिया गया। कहा गया कि सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट ने गलत काम किया।”

पात्रा ने आगे कहा “अमीश जी आप महनत कर के इस मुकाम तक पहुंचे हैं। आपको यहां नीच और घटिया कहा गया। मैं भी यहां महनत कर क आया हूं मुझे दो कौड़ी का कहा गया। आप देखिये इन लोगों की जो सोच है न इसके लिए केवाल गाँधी परिवार और मुलायम सिंह यादव का परिवार महान है और इन्हीं को लांच करने के लिए यह सब किया जा रहा है, बाकि हम सब घटिया और दो कौड़ी के इंसान हैं। ये कमेटी की चार लोग भी बिके हुए हैं। ये दो परिवार ठीक हैं क्योंकि इन्हें लांच करना है किसी भी कीमत पर। इन्हीं की औकाद महान है। यही उठे हुए हैं। हम सब सब घटिया इंसान हैं।”

इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा “किसानों को मरने के लिए है छोड़ा, दंभ और अहंकार में मुँह क्यों है आपने मोड़ा ये है देश की आत्मा देश की शान, इनका कितना करेंगे आप मोदीजी अपमान।” किसान संगठनों ने गतिरोध तोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति को मंगलवार को मान्यता नहीं दी और कहा कि वे समिति के सामने पेश नहीं होंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।


सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के सदस्य सरकार समर्थक हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले अगले आदेश तक विवादास्पद कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी। इसके साथ ही केंद्र और दिल्ली की सीमाओं पर कानून को लेकर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया।

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