देश के बच्चे जो देख रहे उन्हें नहीं देखना चाहिए, संसद के हंगामे पर शिवसेना की प्रियंका ने मोदी सरकार पर कसा तंज, संबित ने सुषमा, जेटली का जिक्र कर कही ये बात

संसद के शीतकालीन सत्र के लिए 12 सांसदों के निलंबन पर विवाद गरमा गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सांसदों के निलंबन को लेकर सवाल पूछा कि उन्हें किस बात की माफ़ी मांगी जानी चाहिए।

Priyanka Chaturvedi, sambit patra
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा(फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

संसद के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। वहीं टीवी डिबेट में भी इसको लेकर जोरदार बहस देखने को मिल रही है। बता दें कि शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इसको लेकर कहा कि देश के बच्चे जो देख रहे हैं, उन्हें नहीं देखना चाहिए। इस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने उन्हें अपने तरीके से जवाब दिया।

दरअसल संसदीय कार्यवाही से निलंबित हुई टीएमसी सांसद डोला सेन ने संसद में हंगामे पर भाजपा द्वारा उठाये जा रहे सवाल पर अपनी बात रखते हुए निजी न्यूज चैनल आजतक के डिबेट शो में कहा कि हमने अरुण जेटली और सुषमा स्वराज से सीखा है।

इसपर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “अरुण जेटली और सुषमा स्वराज जी शालीनता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सदन में कभी गलत व्यवहार नहीं किया। वो कभी टेबल पर नहीं चढ़े, कभी किसी मार्शल पर हाथ नहीं उठाया। कभी इन लोगों ने सदन में कांच नहीं तोड़ा।” पात्रा ने कहा कि संसद में जैसा व्यवहार हो रहा है उसे देश के करोड़ों लोग देखते हैं। बच्चे भी देख रहे हैं, हमारे बच्चों को मत बिगाड़िए।

वहीं संबित की बातों पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “देश के बच्चे यह भी देख रहे हैं कि किस तरह से सरकार अपनी शक्तियों का प्रयोग कर मार्शल के जरिए महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार करती है। यह भी बच्चों को नहीं देखना चाहिए कि किस तरह से संसद की गरिमा को भ्रष्ट करने में केंद्र सरकार व्यस्त है।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की मौत हो जाती है, लेकिन आप उसपर खेद तक व्यक्त नहीं करते हैं और यहां आप ज्ञान बांट रहे हैं।

12 सांसद हुए निलंबित: दरअसल राज्यसभा में 11 अगस्त को हंगामा करने के आरोप में 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। यह निलंबन राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के द्वारा पूरे सत्र के लिए किया गया है। ऐसे में इसका मतलब हुआ कि ये सांसद शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में नहीं रह सकते।

निलंबित किये गए सांसदों में बिनय विश्वम (सीपीआई), राजामणि पटेल (कांग्रेस), एलामरम करीम (सीपीएम), छाया वर्मा (कांग्रेस), रिपुन बोरा (कांग्रेस), डोला सेन (टीएमसी), शांता छेत्री (टीएमसी), सैयद नासिर हुसैन (कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना), अनिल देसाई (शिवसेना), अखिलेश प्रसाद सिंह (कांग्रेस) के नाम शामिल हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट