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UT बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के नियमों में हुए बदलाव का बीजेपी नेता ही कर रहे विरोध! बेमियादी हड़ताल का नेतृत्व कर रहे पार्टी प्रवक्ता

बार एसोसिएशन केंद्र सरकार के उस फैसले के खिलाफ हड़ताल पर है जिसमें जम्मू और कश्मीर में अचल संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के अधिकार को खत्म कर दिया गया है। अब रजिस्ट्रेशन का अधिकार रेवन्यू डिपार्टमेंट को हस्तांतरित कर दिया गया है।

Author Updated: November 2, 2019 8:39 PM
फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद नियमों में हुए बदलावों का बीजेपी नेता ही विरोध कर रहे हैं। बीजेपी नेता का नाम अभिनव शर्मा है और वह बीजेपी के प्रवक्ता है। दरअसल अभिनव बीजेपी प्रवक्ता होने के साथ-साथ जम्मू बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी हैं।

बार एसोसिएशन केंद्र सरकार के उस फैसले के खिलाफ हड़ताल पर है जिसमें जम्मू और कश्मीर में अचल संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के अधिकार को खत्म कर दिया गया है। अब रजिस्ट्रेशन का अधिकार रेवन्यू डिपार्टमेंट को हस्तांतरित कर दिया गया है।

बीते महीने 22 अक्टूबर को तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल (एसएसी) ने नए विभाग के निर्माण को मंजूरी दी थी।

यह विभाग जो बिक्री, उपहार, गिरवी, लीज और वसीयत जैसी अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन कराने के लिए राजस्व विभाग के पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगा। इस विभाग का गठन रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1908 (सेंट्रल एक्ट) के तहत किया गया है।

बीजेपी के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष रविंद्र रैना ने 27 अक्टूबर को इस संबंध में मलिक को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि अचल संपत्ति के रजिस्ट्रेशन का अधिकार न्यायिक अदालतों के पास ही रहे न कि रेवन्यू डिपार्टमेंट के पास।

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि ‘सरकार का यह फैसला ठीक वैसा ही है जैसे आपने अपने घर की चाबी को किसी चोर के हाथ में थमा दिया हो। जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में रेवन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों की मिलीभगत देखने को मिलती है। ऐसे में मैं इस मामले में वकीलों के साथ खड़ा हूं। मेरा मानना है कि यह अधिकार न्यायिक अदालतों के पास ही रहना चाहिए।’

बता दें कि इस हड़ताल की वजह से उच्च न्यायालय और निचली अदालतों के वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण कामकाज ठप रहा। बता दें कि जम्मू बार एसोसिएशन मौजूदा स्थान जानीपुर से शहर के बाहरी इलाके में स्थानांतरित किये जाने के प्रस्ताव का भी विरोध कर रही है।

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