bjp leader kailash vijayvargiya delted his tweets in which he had appealed to boycott Chinese products- - Jansatta
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बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के अकाउंट से हुए चीन विरोधी 5 ट्वीट, बाद में करना पड़ा डिलीट

कैलाश विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए कहा कि उनके दफ्तर ने ट्वीट से पहले उनसे इजाजत नहीं ली थी।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिच कैलाश विजयवर्गीय।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को हाल ही में सोशल मीडिया पर चीन से जुड़े पांच ट्वीट करने के बाद उन्हें डिलीट करना पड़ा। विजयवर्गीय के ट्विटर अकाउंट से किए गए इन ट्वीट में लोगों से चीनी सामान का बहिष्कार करने की अपील की गई थी। एक ट्वीट में कहा गया था, “अपने दोस्तों और परिजनों के साथ मिलकर शपथ लें कि आप चीनी उत्पाद नहीं खरीदेंगे, न ही उनका प्रचार करेंगे। जय हिंद।” चीन से जुड़े पांचों ट्वीट डिलीट करवाने के बाद विजयवर्गीय ने सफाई दी कि उनके दफ्तर ने उनकी सहमति लिए बिना ये ट्वीट पोस्ट किए थे। विजयवर्गीय के ट्वीट से पहले खबर आई थी कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित किए जाने के प्रस्ताव की राह में तकनीकी अड़ंगा लगा दिया। इसके पहले चीन ने कहा था कि वो तिब्बत में ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी का प्रवाह रोक रहा है।

वीडियो-  महिलाओं से जुड़े बयान के बाद हो गई इमाम पिटाई:

उरी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। भारत पाकिस्तान को कूटनीतिक तौर पर दुनिया में अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है। भारत को इसमें बड़ी सफलता तब मिली जब उसके बहिष्कार के बाद दक्षिण एशिया के कई देशों ने पाकिस्तान में होने वाले दक्षेस सम्मेलन में न जाने का फैसला लिया। बांग्लादेश, अफगानिस्तन, भूटान और श्रीलंका ने भारत के पक्ष लेते हुए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया। वहीं नेपाल ने सम्मेलन को पाकिस्तान से बाहर कराए जाने की मांग की। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को चीन का समर्थन मिलता रहा है। हाल ही में हुई संयुक्त राष्ट्र की सालाना आम सभा में भारत ने पाकिस्तानी को आतंकवादी राष्ट्र बताया। लेकिन आम सभा के दौरान ही चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ हुई बैठक के बाद बयान दिया कि “चीन और पाकिस्तान हमेशा दोस्त रहेंगे।” माना गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दरम्यान चीन ने परोक्ष रूप से इशारा किया कि वो पाकिस्तान के साथ है। इससे पहले चीन ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता की राह में यह कह कर रोड़ा अटका दिया था कि भारत को तभी एनएसजी की सदस्यता दी जा सकती है जब ये पाकिस्तान को भी दी जाए।

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