सत्ताधारी बीजेपी ने वायरल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ हैंडल की आलोचना करने में तेजी दिखाई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उभरे इस ट्रेंड के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है, जिसका मकसद भारत को अस्थिर करना है। लेकिन, जहां एक तरफ पार्टी का आधिकारिक रुख इस मामले पर अडिग है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर और उसके सहयोगियों के बीच से कुछ ऐसी आवाजें भी उठ रही हैं, जो इस मामले में सावधानी बरतने की सलाह दे रही हैं। इन आवाजों का मानना है कि युवाओं में पनप रहे असंतोष को सिर्फ पाबंदी लगाकर या दबाकर शांत नहीं किया जा सकता।
बीजेपी के वरिष्ठ सांसद और संचार एवं सूचना पर बनी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि यह आंदोलन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की केरल इकाई के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने इसे एक सुनियोजित प्रभाव अभियान बताया।
राजीव चंद्रशेखर ने क्या कहा?
चंद्रशेखर ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “इसमें ऐसी कई निशानियां दिख रही हैं जो यह बताती हैं कि यह कोई सुनियोजित और पहले से तय की गई चीज है, न कि भारत के मुख्य न्यायाधीश के किसी बयान के खिलाफ अचानक भड़का कोई गुस्सा। मैं अब सरकार में नहीं हूं, मैं केरल में काफी दूर बैठा हूं। लेकिन अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि इसमें एक सुनियोजित प्रभाव अभियान की कुछ निशानियां जरूर हैं। इसे किसने शुरू किया है या इसके पीछे कौन है, इसकी जांच करना सरकार का काम है।”
शनिवार को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में चंद्रशेखर ने कॉकरोच पार्टी नामक इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को निशाना बनाने वाला एक और क्लासिक क्रॉस बॉर्डर इन्फ्लुएंस कैंपन बताया। उन्होंने आगे कहा कि इसे कुछ निहित स्वार्थों वाले लोगों ने भारत को अस्थिर करने के मकसद से तैयार किया है और इसमें हमारे विपक्षी दलों के कुछ तत्वों ने भी उनकी मदद की है।
इसके साथ ही, उसी इंटरव्यू में उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि लोगों के मन में कुछ वास्तविक शिकायतें भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह कहने की कोशिश नहीं कर रहा हूं कि विरोध की हर आवाज किसी इन्फ्लुएंस कैंपन का ही हिस्सा है। मैं यह भी नहीं कह रहा हूं कि हमें हर उस व्यक्ति पर शक करना चाहिए, जिसकी राय हमसे अलग है।”
सीजेपी के एक्स हैंडल पर लगा बैन
जहां तक पार्टी के आधिकारिक रुख की बात है, तो इस मामले पर उसका पक्ष पूरी तरह से स्पष्ट और दो-टूक रहा है। जैसा कि सबसे पहले ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया था, गुरुवार को सीजेपी का एक्स हैंडल रोक दिया गया। यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के निर्देश पर की गई थी।
इस कदम को सही ठहराते हुए दुबे ने कहा, “मैं शशि थरूर नहीं हूं और मैं स्थायी समिति को (CJP के) अकाउंट को रोकने के इस कदम पर विचार करने की अनुमति नहीं दूंगा। सत्ताधारी पार्टी अपना समर्थन नहीं खो रही है, बल्कि विपक्ष अपना समर्थन खो रहा है। इसलिए, यह कहना सही नहीं है कि विरोध की आवाजों की वजह से सरकार चिंतित हो गई है।”
भाजपा के भीतर, युवाओं की इस हताशा को पार्टी के सार्वजनिक रुख से कहीं अधिक व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है। वरिष्ठ नेताओं ने माना कि जिस तेजी से सीजेपी वायरल हुआ है, उससे परेशान करने वाले संकेत मिले हैं। इसके चलते इसके नतीजों का आकलन करने के लिए आंतरिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कई नेताओं ने हाल की राजनीतिक घटनाओं को एक चेतावनी के तौर पर पेश किया। बीजेपी नेताओं का एक तबका अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को तमिलनाडु चुनावों में शानदार जीत दिलाने वाले युवा-नेतृत्व वाले अभियान का हवाला देते हुए यह तर्क देता है कि पार्टी को सीजेपी से जुड़े इस घटनाक्रम को टकराव के बजाय सावधानी से संभालना चाहिए।
अन्ना हजारे के आंदोलन से की तुलना
एक नेता ने अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन से भी इसकी तुलना की, लेकिन सीजेपी की पहुंच को कम करके आंका। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ सोशल मीडिया पर है। जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी नहीं है।”
बीजेपी के सहयोगी दल इस मामले में ज्यादा सतर्क हैं। टीडीपी ने भी सीजेपी के हैंडल पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश को नकारात्मक नजर से देखा। टीडीपी संसदीय दल के नेता लावु कृष्णा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “युवा अब मुख्यधारा के मीडिया और यहां तक कि फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म से हटकर, जानकारी हासिल करने के लिए सोशल मीडिया के नए रूपों की ओर रुख कर रहे हैं। युवा लोग अलग-अलग स्रोतों से जानकारी प्राप्त करते हैं। तमिलनाडु में विजय की जीत ने हमें यही दिखाया है।”
सीजेपी के एक्स हैंडल को ब्लॉक करने के सरकार के कदम पर उन्होंने कहा, “अगर ऐसे हैंडल देश को अस्थिर करने के लिए बाहरी लोगों से प्रभावित नहीं हो रहे हैं, तो मेरा मानना है कि उन्हें चलने देना चाहिए।”
बीजेपी के एक अन्य सहयोगी दल के नेता ने कहा कि सीजेपी हैंडल का वायरल होना सभी के लिए और सरकार के लिए एक संकेत है। उन्होंने कहा, “आप इस देश के युवाओं को हल्के में नहीं ले सकते। यह सच है कि समस्याओं से निपटने के लिए सरकार के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है, लेकिन आप उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। युवाओं में साफ तौर पर असंतोष दिखाई दे रहा है।”
जानें कॉकरोच की कहानी
सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से बने एक पेज ने अचानक ‘कॉकरोच’ को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक्स से लेकर इंस्टाग्राम तक हर जगह सिर्फ कॉकरोच की चर्चा हो रही है। लेकिन विवाद से अलग, जनसत्ता आपको उस जीव की कहानी बताने जा रहा है जिसने डायनासोर का दौर भी देखा, परमाणु हमलों की दहशत भी झेली और आज 4000 से ज्यादा प्रजातियों के साथ अब भी इस धरती पर टिका हुआ है। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…
