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अटल जी की रिश्तेदार बोलीं- शवयात्रा में 5 किमी चलने के बजाय दो कदम उनके आदर्शों पर चलें तो देश का भला होगा

करुणा ने बताया, "मैं पार्टी में लाल कृष्ण अडवाणी का अपमान होने पर भी दुखी हूं। मेरी पीड़ा इस बात पर है कि पिछले साढ़े चार साल से देश की सत्ता पर पीएम मोदी विराजमान हैं और 15 सालों से छत्तीसगढ़ की सरकार पर रमन सिंह विराजमान हैं। इन सालों में पीएम और रमन सिंह को अटल जी की याद नहीं आई।"

पूर्व पीएम अटल की रिश्तेदार करुणा शुक्ला। (फोटोः ANI)

“भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अटल जी का नाम चुनाव के लिए इस्तेमाल कर रही है। पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उनकी शवयात्रा में पांच किलोमीटर चलने के बजाय दो कदम उनके आदर्शों पर चलें तो देश का शायद भला हो जाए। पार्टी आगामी चार राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखकर अटल जी के नाम भुना रही है।” ये बातें दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की रिश्तेदार करुणा शुक्ला ने कहीं हैं।

बता दें कि वाजपेयी की अंतिम यात्रा में पीएम मोदी, अमित शाह समेत बीजेपी शासित राज्यों के कई सीएम और नेता पांच किलोमीटर पैदल चले थे। यात्रा में जो ट्रक अटल के पार्थिव शरीर को लेकर जा रहा था, पीएम और शाह उसी के साथ-साथ चल रहे थे। शुक्ला ने उसी घटना को लेकर पीएम-अमित शाह पर निशाना साधा है।

नया रायपुर का नाम अटल नगर करने पर वह बोलीं, “अटल जी के नाम का प्रयोग चुनाव के लिए नहीं होना चाहिए। अपने एक वायरल हो रहे वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “चार राज्यों में चुनाव हैं, इसलिए प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह अटल जी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

बकौल करुणा, “ऐसे नामकरण और नाम का इस्तेमाल करने से ज्यादा अच्छा होता कि वे अटल जी के बताए रास्ते पर चलते। पीएम मोदी ने एम्स में अटल जी की हालत देखने के बाद लाल किले से उनका नाम लिया था। ये सब चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है।” बता दें कि करुणा इस वक्त कांग्रेस में हैं और छत्तीसगढ़ में पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। वह इससे पहले बीजेपी में थीं।

करुणा ने बताया, “मैं पार्टी में लाल कृष्ण अडवाणी का अपमान होने पर भी दुखी हूं। मेरी पीड़ा इस बात पर है कि पिछले साढ़े चार साल से देश की सत्ता पर पीएम मोदी विराजमान हैं और 15 सालों से छत्तीसगढ़ की सरकार पर रमन सिंह विराजमान हैं। इन सालों में पीएम और रमन सिंह को अटल जी की याद नहीं आई। उन्हें तो भारत रत्न मिल चुका था। पहले भी योजनाओं का नाम उनके नाम पर रखा जा सकता था। पर इनकी चालों और कूटनिति को मैं अच्छे से जानती हूं। मैं इससे दुखी हूं।”

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