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BJP सरकार से उठ गया लोगों का विश्वास: शरद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पिछले दो सालों के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप जद (एकी) अध्यक्ष शरद यादव ने लगाया।

Author नई दिल्ली | March 14, 2016 04:29 am
जद (एकी) अध्यक्ष शरद यादव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पिछले दो सालों के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप जद (एकी) अध्यक्ष शरद यादव ने लगाया। उन्होंने कहा कि विकास और जनता के सरोकारों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बजाए सत्ता पक्ष से जुड़े लोग संविधान के दायरे से बाहर जाकर बातें कहने में जुटे हैं जिससे जनता का विश्वास टूटता है।

संघ के जरिए मोदी सरकार से कुछ विश्वविद्यालयों में कथित देश विरोधी गतिविधियों में शामिल विध्वंसकारी ताकतों पर अंकुश लगाने को कहने की खबर पर यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कहीं राष्ट्रविरोधी गतिविधियां नहीं हो रही हैं। जनता से किए वादे पूरा करने की बजाए इस तरह की बातें करना ठीक नहीं है।

क्योंकि इन्हीं विश्वविद्यालयों और छात्र आंदोलनों से एक से एक बड़े नेता निकले हैं। शरद यादव ने एक साक्षात्कार में कहा कि सत्ता पक्ष (केंद्र सरकार) से जुड़े लोगों द्वारा लगातार संविधान के दायरे से बाहर जाकर बातें कहने से जनता का विश्वास टूटता है, लोकतंत्र से भरोसा उठता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने चुनाव के समय जो वादे जनता से किए थे, वे जमीन पर पूरा होते नहीं दिख रहे हैं।

दो करोड़ रोजगार का वादा पूरा नहीं हुआ, किसानों को फसल का डेढ गुणा कीमत देने का वादा पूरा नहीं हुआ और कालाधन लाने और 15 लाख रुपए खाते में देने की बात को तो भाजपा ने जुमला करार दे ही दिया है। शरद ने कहा कि भाजपा के कुछ सांसदों और मंत्रियों के जरिए संविधान की शपथ लेने के बाद संविधान के दायरे से बाहर जाकर बातें करना उचित नहीं है। एक तरफ विकास की बात तो दूसरी तरफ संविधान के दायरे से बाहर जाकर बातें कहना यही बातें तो सामने आ रही हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या जनता के सरोकारों के विषयों को उठाने में विपक्ष विफल रहा है, शरद यादव ने कहा कि सवाल विपक्ष का नहीं है, विपक्ष का काम तो मुद्दों को उठाना है। वादे सरकार ने किए थे, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें पूरा करे। हम तो सिर्फ बोल ही सकते हैं। प्रधानमंत्री आम बजट को गांव, गरीब और किसानों को समर्पित बताए जाने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आजादी के करीब 70 साल हो गए। किसान की दशा में सुधार नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा था कि हर खेत को पानी से जोड़ देंगे पर अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं दिख रहा है। अगर हर खेत को पानी से जोड़ दिया जाए तो किसान की आमदनी तीन गुना बढ़ जाएगी।

बजट में सिंचाई के मद में 17 हजार करोड़ दिया गया है जो काफी कम है। मनरेगा के तहत कुएं, तालाब खोदने की बात कही गई है, जोकि व्यावहारिक नहीं है। घोषित बिहार पैकेज पर शरद यादव ने कहा कि जिस बिहार पैकेज की घोषणा की गई थी, उसका न तो राष्ट्रपति के अभिभाषण में जिक्र हैं और न ही बजट प्रस्तावों में कोई उल्लेख किया गया है। ये दोनों सरकार के महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं जहांं इसका जिक्र नहीं है। तब कैसे यकीन कर लें।

केंद्र की राजग सरकार की विदेश नीति को जद (एकी) अध्यक्ष ने कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की विदेश नीति की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि करीबी पड़ोसी देशों के साथ आपके संबंध कैसे हैं। इस पैमाने पर नेपाल के साथ पुराने रिश्तों में तनाव आ गया है और पाकिस्तान के साथ वार्ता बनती और टूटती दिख रही है। यह स्थिति ठीक नहीं है।

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