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महाराष्ट्र: सत्ता गंवाने के बाद नाखुश नेताओं को संतुष्ट करने में जुटी बीजेपी, जिनका टिकट काटा उन्हें दिया पद और नए नेताओं की भी करा रही एंट्री

मुरलीधर मोहोल के मुताबिक घटे और रासाणे को पद से हटाने के लिए पीछे पार्टी की एक खास रणनीति है। पार्टी की नजर 2022 में होने वाले निकाय चुनावों पर है।

Author Edited By Nishant Nandan Updated: December 4, 2019 12:01 PM
धीरज घटे और हेमंत रासाणे को पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। फोटो सोर्स – Indian Express

महाराष्ट्र में हाथ आई सत्ता को गंवाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्टी से नाराज चल रहे नेताओं को खुश करने में जुटी हुई है। इसी रणनीति के तहत बीते मंगलवार (04-12-2019) को बीजेपी ने धीरज घटे को विधानसभा के नेता बनाया और हेमंत रासाणे को Pune Municipal Corporation का अध्यक्ष। आपको बता दें कि घटे और रासाणे यह दोनों पार्टी के वैसे नेता हैं जिन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के वक्त पार्टी से टिकट मांगा था लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया था।

इन दोनों के अलावा पिछले ही हफ्ते भाजपा ने पार्टी के कुछ नेताओं को अहम पदों से हटाया है। इनमें श्रीनाथ भीमेल, सुनील कांबले और सिद्धार्थ शिरोल जैसे नेताओं से कहा गया था कि वो अपने पदों से इस्तीफा दे दें। बता दें कि श्रीनाथ भीमेल पहले लीडर ऑफ द हाउस थे, सुनील कांबले स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष पद पर थे तो वहीं सिद्धार्थ शिरोल PMPML के निर्देशक के पद पर थे। इन नेताओं को अपने पद से हटाने के पीछे पार्टी का तर्क है कि वो नए चेहरों को मौका देना चाहती है।

हाल ही में मेयर बनने के बाद पार्टी के नेता मुरलीघर मोहोल ने कहा है कि ‘मुझे भीमले, कांबले और शिरोल का त्यागपत्र मिला है। पार्टी ने अब नए चेहरों को मौका देने का फैसला किया है। इसीलिए घाटे को विधानसभा का नेता और रासाणे को स्टैंडिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी जल्दी ही यह भी तय कर लेगी कि PMPML के निर्देशक के तौर पर शिरोल की जगह कौन लेगा? आपको बता दें कि पूर्व मेयर का कार्यकाल अभी हाल ही में खत्म हुआ है और मुरलीधऱ मोहोल उसके बाद मेयर चुने गए हैं।

मुरलीधर मोहोल के मुताबिक घटे और रासाणे को पद से हटाने के लिए पीछे पार्टी की एक खास रणनीति है। पार्टी की नजर 2022 में होने वाले निकाय चुनावों पर है। इन दोनों नेताओं का शहर के लोगों के साथ बढ़िया तालमेल है और इसीलिए पार्टी को उम्मीद है कि चुनाव से पहले ये नेता लोगों के बीच जाकर पार्टी की उम्मीदों को परवान चढ़ा सकते हैं। यहां आपको बता दें कि साल 2017 में महाराष्ट्र में निकाय चुनाव हुए थे और भाजपा पहली बार 99 सीटें जीतकर पुणे म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन में पावर में आई थी।

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