भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन हुआ था। इसके पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेई थे। भाजपा को जनसंघ का ही धड़ा माना जाता था। दरअसल जनसंघ की स्थापना 21 अक्टूबर 1951 को हुई थी। इसकी स्थापना डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। इसको आरएसएस की राजनीतिक शाखा माना जाता था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अलावा दीनदयाल उपाध्याय, प्रोफेसर बलराज मधोक इसके संस्थापक सदस्य थे।

क्यों बना था जनसंघ?

जनसंघ के गठन की कहानी भी दिलचस्प है। जम्मू कश्मीर के विलय में विवाद, वहां के अलग संविधान और अलग झंडा और आर्टिकल 370 के विरोध में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने जनसंघ को राजनीतिक विकल्प रूप में खड़ा किया। आरएसएस को भी इस वक्त एक राजनीतिक ताकत की जरूरत थी, क्योंकि महात्मा गांधी की हत्या के आरोपों से उसकी छवि पर असर पड़ा था। जनसंघ के झंडे का रंग भी भगवा था और इसका चुनाव चिन्ह दीपक था। 1952 के पहले आम चुनाव में जनसंघ ने तीन लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की और 3.06 फीसदी वोट भी मिले थे।

जनसंघ के अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 1953 में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो जाती है और उसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने इसकी कमान संभाली थी। जनसंघ करीब 26 साल तक एक राजनीतिक ताकत के रूप में खड़ा रहा।

जनता पार्टी में जनसंघ के सदस्यों का विरोध

हालांकि जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया और इसका विरोध हो रहा था, तब जयप्रकाश नारायण ने एक नए राष्ट्रीय दल ‘जनता पार्टी’ का गठन किया था। इसी में जनसंघ का भी विलय कर दिया गया था। 1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई और जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को जीत मिली थी। हालांकि 1980 में ही सरकार गिर गई और जनता पार्टी की कलह भी बाहर आने लगी। जनसंघ से जनता पार्टी में शामिल हुए नेताओं की दोहरी सदस्यता का मामला उठाए जाने लगा।

अटल-अडवाणी का बड़ा फैसला

दरअसल हुआ यह था की जनसंघ के सदस्य RSS के भी सदस्य थे। 4 अप्रैल 1980 को जनता पार्टी ने अपने सदस्यों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य होने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद जनता पार्टी में जो जनसंघ के पुराने नेता थे, उन्होंने इसका विरोध किया और फिर नए दल की घोषणा कर दी गई। हालांकि भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने जनता पार्टी को तोड़ने की साजिश रची थी और इसीलिए दोहरी सदस्यता का मुद्दा उठाया गया था। आखिरकार 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की गई। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विजयाराजे सिंधिया समेत तमाम बड़े नाम थे।

राम मंदिर के लिए अडवाणी ने शुरू किया आंदोलन

अपनी स्थापना के साथ ही भाजपा राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गई। वी.पी. सिंह के नेतृत्व में गठित राष्ट्रीय मोर्चे की सरकार को भाजपा ने बाहर से समर्थन दिया। इसी बीच देश में राम मंदिर के लिए आंदोलन शुरू हुआ। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक के लिए रथयात्रा शुरू की। रथयात्रा को बीच में ही रोक दिया गया और इसके कारण भाजपा ने राष्ट्रीय मोर्चा सरकार से समर्थन वापस ले लिया और वी.पी. सिंह सरकार गिर गई। आने वाले आम चुनावों में भाजपा का जनसमर्थन लगातार बढ़ता गया।

बन गई बीजेपी की सरकार

1996 के आम चुनावों में भाजपा को लोकसभा में 161 सीटें प्राप्त हुईं। भाजपा ने लोकसभा में 1989 में 85, 1991 में 120 तथा 1996 में 161 सीटें हासिल कीं थीं। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा सरकार ने 1996 में शपथ ली, लेकिन समर्थन न होने के कारण सरकार मात्र 13 दिन ही चल पाई। इसके बाद 1998 के आम चुनावों में भाजपा ने 182 सीटों पर जीत दर्ज की और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने शपथ ली। हालांकि जयललिता के नेतृत्व में AIADMK द्वारा समर्थन वापस लिए जाने के कारण सरकार लोकसभा में विश्वासमत के दौरान एक वोट से गिर गई। 1999 में भाजपा 182 सीटों पर जीती और एनडीए को 306 सीटें हासिल हुईं। फिर से अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार बनी।

10 साल तक विपक्ष में और फिर बनी पूर्ण बहुमत वाली बीजेपी सरकार

2004 का लोकसभा चुनाव बीजेपी हार गई और फिर 10 साल पार्टी ने विपक्ष की भूमिका निभाई। 2014 में पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी। इसके बाद भाजपा लगभग 11 करोड़ सदस्यों वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी भी बन गयी। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने रिकॉर्ड 303 सीटों पर जीत हासिल और पीएम मोदी दूसरी बार पीएम बने वहीं 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को 240 जबकि एनडीए को 293 सीटों पर जीत मिली पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार पीएम बने।