केरल बीजेपी की उपाध्यक्ष और पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा ने तिरुवनंतपुरम म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के काउंसलर पद से इस्तीफा दे दिया है। कुछ महीने पहले उन्होंने पार्टी के सिविक बॉडी पर कंट्रोल पाने के बाद भी मेयर न बनाए जाने पर सार्वजनिक रूप से निराशा जाहिर की थी। 101 सदस्यों वाली नगर निगम में बीजेपी के सिर्फ़ 50 सदस्य हैं और पार्टी एक निर्दलीय के समर्थन से राज कर रही है। श्रीलेखा के इस्तीफे के साथ बीजेपी के नेतृत्व वाली NDA की ताकत घटकर 49 रह गई है, जिससे नगर निगम में पार्टी का शासन मुश्किल में पड़ गया है। बीजेपी ने श्रीलेखा के साथ सुलह का प्रोसेस शुरू कर दिया है।

अक्टूबर 2024 में बीजेपी में शामिल हुईं श्रीलेखा ने मेयर वी. वी. राजेश को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है। श्रीलेखा ने अब तक सार्वजनिक रूप अपने इस्तीफ़े का कोई और कारण नहीं बताया है। नगर निगम चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर उनके नाराज़ होने की खबरें सामने आई थीं।

बीजेपी का पहली बार बना है मेयर

दिसंबर 2025 के लोकल बॉडी चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाली NDA ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में जीत हासिल की थी। इससे CPI(M) की लीडरशिप वाली LDF का 45 साल का राज खत्म हो गया था। काउंसिल में 50 NDA काउंसलर हैं। श्रीलेखा के सस्थमंगलम वार्ड से इस्तीफे के साथ काउंसिल में एक खाली जगह बन गई है। बीजेपी की नेशनल लीडरशिप ने केरल की राजधानी में अपनी कामयाबी को एक अहम पल बताया था, जिससे पार्टी के लिए दक्षिणी राज्य पर राज करने का रास्ता साफ होगा।

चुनाव के बाद श्रीलेखा ने मीडिया को बताया था कि उन्होंने मेयर बनने की उम्मीद से चुनाव लड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि BJP ने कैंपेन के दौरान उन्हें अपने मेयर के चेहरे के तौर पर पेश किया था। इस साल जनवरी में मीडिया से बात करते हुए श्रीलेखा ने कहा, “मैं चुनाव लड़ने में हिचकिचा रही थी, लेकिन मेयर बनाए जाने के भरोसे के बाद मैं मान गई। मुझे लगा कि मैं कॉर्पोरेशन में पार्टी का चेहरा हूं। मैं BJP की स्टेट वाइस-प्रेसिडेंट भी हूं और मुझे सभी कैंडिडेट्स के लिए काम करना है। मुझे 10 कैंडिडेट्स की जीत पक्की करने का काम दिया गया था। कम से कम मैं चुनाव लड़ने के लिए मान गई। पार्टी लीडरशिप ने कहा कि मैं कॉर्पोरेशन के चुनावों में पार्टी का चेहरा हूं और मुझे टीवी चैनलों के सामने उसी तरह पेश किया गया। हालांकि आखिरी मिनट में, किसी वजह से चीज़ें बदल गईं।”

श्रीलेखा ने क्या कहा?

श्रीलेखा ने कहा, “मुझे लगता है कि पार्टी सेंट्रल लीडरशिप ने यह सोचकर ऐसा फ़ैसला लिया होगा कि वे (राजेश मेयर के तौर पर और आशा नाथ डिप्टी मेयर के तौर पर) बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं। मैं लीडरशिप का फ़ैसला मानती हूं और इस पर लीडरशिप से बहस नहीं करने वाली हूं। मैं फ़ैसले के विरोध में वॉकआउट नहीं कर सकती। ऐसे लोग हैं जिन्होंने मुझे वोट दिया है। इसलिए, मैंने पांच साल तक काउंसलर बने रहने का फ़ैसला किया। मैं विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने जा रही हूं।”

इसके बाद श्रीलेखा ने बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर वट्टियूरक्कावु से विधानसभा चुनाव लड़ा, जहां कांग्रेस उम्मीदवार के मुरलीधरन जीते थे। श्रीलेखा CPI(M) उम्मीदवार के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। 2021 के विधानसभा चुनावों में तब BJP उम्मीदवार वी वी राजेश दूसरे स्थान पर रहे थे।

श्रीलेखा कौन हैं?

आर. श्रीलेखा केरल की पहली महिला IPS अधिकारी हैं। वे 2020 में केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की डायरेक्टर जनरल के पद से रिटायर हुईं और केरल की पहली महिला IPS अधिकारी थीं जिन्हें DGP का रैंक मिला। 2024 में बीजेपी में शामिल होने के बाद श्रीलेखा ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मे से प्रभावित होकर वे पार्टी में शामिल हुईं। उन्होंने कहा, “मुझे BJP की विचारधारा पर भरोसा है। तीन हफ़्ते सोचने-विचारने के बाद मैं BJP में शामिल हो रही हूं।”

1987 बैच की IPS अधिकारी श्रीलेखा ने अपने करियर के आखिर में साथी IPS अधिकारी टॉमिन जे. थाचनकारी की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। 2016 में एक फ़ेसबुक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि थाचनकारी 1987 में उनकी IPS ट्रेनिंग के समय से ही उन्हें परेशान कर रहे थे और दावा किया कि उनके ख़िलाफ विजिलेंस जांच के पीछे वही थे। थाचनकारी ने इन आरोपों से इनकार किया।रिटायरमेंट के दिन उन्होंने DGP-रैंक के अधिकारियों को दी जाने वाली औपचारिक विदाई पार्टी और ‘गार्ड ऑफ़ ऑनर’ में हिस्सा नहीं लिया। तिरुवनंतपुरम की रहने वाली श्रीलेखा सिविल सर्विस में आने से पहले कॉलेज लेक्चरर और बैंक अधिकारी थीं। उन्होंने कई ज़िलों में SP और बाद में DIG और IG के तौर पर काम किया। सेंट्रल डेप्युटेशन के दौरान उन्होंने चार साल तक CBI के साथ काम किया।

रिटायरमेंट के बाद श्रीलेखा ने कहा कि जेलों की डायरेक्टर जनरल के तौर पर उन्होंने एक्टर दिलीप को विशेष ध्यान और बेहतर सुविधाएँ दी थीं, जब वे चलती गाड़ी में एक एक्ट्रेस के अपहरण और यौन उत्पीड़न के 2017 के मामले में जेल में बंद थे। उन्होंने उस समय यह भी कहा था कि उन्हें लगता है कि दिलीप बेगुनाह हैं। मामले के मुख्य आरोपी पल्सर सुनी को आदतन अपराधी बताने के कारण बाद में उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई। उन्होंने 9 किताबें भी लिखी हैं।

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आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया है। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि मैंने देखा कि राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। उन्होंने हमें और बाकी सभी को इस मुद्दे के बारे में जागरूक किया है। पढ़ें पूरी खबर।