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मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण से हारे बंगाल- BJP नेताओं के मंथन में निकला कारण; पांच राज्यों की चुनावी तैयारियों पर हुई चर्चा, PM को भी किया गया ब्रीफ

अगले साल की शुरुआत में जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं उनमें यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के अलावा गोवा और मणिपुर भी हैं। साल 2022 के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी विस चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें पंजाब को छोड़कर सभी राज्यों में भाजपा सत्ता में है।

Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: June 6, 2021 8:54 AM
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ BJP चीफ जेपी नड्डा। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः अनिल शर्मा)

कोरोना संकट के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नजरें आगामी पांच सूबों के विधानसभा चुनावों पर भी हैं। ये इलेक्शंस उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, पंजाब और गोवा में होने हैं, जिनसे पहले पार्टी ने अपने कैडर को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का फैसला लिया है।

दरअसल, शनिवार (पांच जून, 2021) को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बीजेपी नेताओं का इस मसले पर घंटों मंथन चला। इसमें बीजेपी की जमीनी स्तर पर तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई पार्टी महासचिवों की बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी चुनावों के नतीजों और पार्टी के प्रदर्शन पर भी आकलन किया गया। सूत्रों ने बताया, बंगाल में बहुमत न मिलने के पीछे बीजेपी नेताओं के मंथन में यह कारण निकला कि वे लोग मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण की वजह से वहां का चुनाव हारे। साथ ही कांग्रेस-लेफ्ट का वोट टीएमसी को चला गया।

यही नहीं, इस दौरान कोविड-19 की दूसरी लहर के मद्देनजर भाजपा द्वारा चलाए गए सेवा कार्यों की भी समीक्षा की गई। मीटिंग के बाद नड्डा और संगठन महासचिव बीएल संतोष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और उन्हें इस सब के बारे में जानकारी दी। समझा जा सकता है कि कोरोना काल के दौरान किए गए सेवा कार्यों और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया।

बैठक में भाजपा के महासचिवों भूपेंद्र यादव, सी टी रवि, दुष्यंत गौतम, डी पुरंदेश्वरी, अरुण सिंह, दिलीप सैकिया, कैलाश विजयवर्गीय, तरूण चुग, बी एल संतोष और सह-संगठन मंत्री शिवप्रकाश उपस्थित थे। वैसे, कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत के बाद यह पहली ऐसी बैठक थी जिसमें खुद पार्टी नेता मौजूद थे। नड्डा के घर हुई बैठक में पार्टी के विभिन्न मोर्चे के अध्यक्ष भी शामिल हुए।

बैठक के बाद भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कोरोना चुनौतियों के बीच जन सेवा के लिए समर्पित है भाजपा। सेवा ही संगठन-2 के तहत सेवा दिवस पर 33 राज्यों के 1.53 लाख से ज्यादा गांवों व बस्तियों में सेवा कार्य किए गए।’’ उन्होंने कहा कि इस दौरान 66,706 कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया और जरूरतमंदों को आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं।

बता दें कि अगले साल की शुरुआत में जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं उनमें यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के अलावा गोवा और मणिपुर भी हैं। साल 2022 के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी विस चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें पंजाब को छोड़कर सभी राज्यों में भाजपा सत्ता में है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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