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भाजपा ने अशोक से की नरेंद्र मोदी की तुलना, कहा- पूरी दुनिया में उनका रुतबा, पटना का नाम बदलकर करो पाटलिपुत्र

पिछले दो-तीन साल में भाजपा ने मोर्य वंश को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

बिहार प्रदेश भाजपा के बड़े नेतागण। (फाइल फोटो)

बिहार भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना सम्राट अशोक से की है। शनिवार (8 अप्रैल) को पटना में सम्राट अशोक की 2322वीं जयंती के कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्‍ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा, ”अशोक कभी हारे नहीं इसलिए उन्‍हें चक्रवर्ती कहा जाता है। उनका नाम पूरी दुनिया में चलता था। आज के समय में केवल एक आदमी है जिनका रुतबा पूरी दुनिया में है और वह नरेंद्र दामोदरदास मोदी हैं। वह अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से भी ज्‍यादा लोकप्रिय हैं।”

इस कार्यक्रम के दौरान पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने की मांग भी रखी गई। मोदी ने कहा, ”यदि मद्रास का नाम चेन्‍नई हो सकता है, कलकत्‍ता बदलकर कोलकाता हो सकता है और बेंगलोर का नाम बेंगलुरु बन सकता है तो फिर पटना, पाटलिपुत्र क्‍यों नहीं बन सकता।”

पीएम मोदी की तारीफ करते हुए सुशील मोदी ने आगे कहा, ”जब पाकिस्‍तान ने हमारे 19 जवानों को मारा तो हमले उनके 40 मार गिराए। यह सब नरेंद्र मोदी के कारण हुआ। नरेंद्र मोदी की सरकार के तहत दलाई लामा अरुणाचल प्रदेश गए जबकि चीन धमकी देता रहा। अशोक की तरह नरेंद्र मोदी भी चक्रवर्ती हैं।”

बता दें कि पिछले दो-तीन साल में भाजपा ने मोर्य वंश को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस कड़ी में उसने चंद्रगुप्‍त और अशोक को कुशवाहा समुदाय से जोड़ा है। कुशवाहा बिहार का दूसरा सबसे बड़ा अन्‍य पिछड़ा समुदाय है। हालांकि भाजपा के पास इस समुदाय से कोई बड़ा नेता नहीं है। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा का राष्‍ट्रीय लोकसमता पार्टी उसकी साझीदार है।

वहीं सुशील मोदी के बयान के बाद विपक्षी दल जदयू ने पलटवार किया है। उसकी ओर से कहा गया कि भाजपा इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है। अशोक की तुलना मोदी से कैसे की जाती है। सम्राट अशोक ने 268-232 ईसा पूर्व तक शासन किया था। उनका राज वर्तमान भारत सहित अफगानिस्‍तान से लेकर बांग्‍लादेश तक फैला हुआ था। उनकी राजधानी आज की राजधानी पटना (पाटलिपुत्र) थी। हालांकि कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने हथियार डाल दिए थे। इस युद्ध में विजय अशोक की हुई थी लेकिन जंग के दौरान हुए विनाश ने उन्‍हें बदल दिया। उन्‍होंने बुद्ध धर्म अपना लिया था।

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