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खली तो लौटे अब नेताओं में ‘कुश्ती’

उत्तराखंड के देहरादून और हल्द्वानी के खेल स्टेडियमों में धूम मचाने वाले भारतीय रेसलर खली और विदेशी पहलवान उत्तराखंड से भले ही चले गए हों, मगर वे उत्तराखंड की सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस और सूबे के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के नेताओं को आपस में लड़ा कर निकल गए हैं।

Author देहरादून | March 4, 2016 3:58 AM
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उत्तराखंड के देहरादून और हल्द्वानी के खेल स्टेडियमों में धूम मचाने वाले भारतीय रेसलर खली और विदेशी पहलवान उत्तराखंड से भले ही चले गए हों, मगर वे उत्तराखंड की सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस और सूबे के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के नेताओं को आपस में लड़ा कर निकल गए हैं। खली और विदेशी पहलवानों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के एक दूसरे पर लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी तक नहीं थमा है।

28 फरवरी को खली की विदेशी रेसलरों से देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्टÑीय स्टेडियम में भिडंÞत हुई थी। खली ने हल्द्वानी की हार का बदला इन विदेशी पहलवानों से देहरादून में ले लिया था। पहली बार खली और विदेशी पहलवानों में उत्तराखंड में भिडंÞत हुई थी। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में उत्तराखंड के युवक देहरादून और हल्द्वानी में उमडेÞ थे। देर रात तक यह भिडंÞत चलती रही और भीड़ आनंद लेती रही। इस भीड़ को भाजपा और कांग्रेस के नेताओं से कोई लेना-देना नहीं था।

मगर कांग्रेस और भाजपा के नेता खली और विदेशी पहलवानों के मुद्दे पर बयानबाजी आज भी कर रहे हैं। हरीश रावत सरकार को घेरते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय भट्ट ने आरोप लगाया कि विदेशी रेसलरों के नाम पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके प्रमुख सलाहकार रणजीत सिंह रावत ने देश का अपमान कराया है। उत्तराखंड की जनता रावत सरकार से इस अपमान का बदला जरूर लेगी।

भाजपा नेता अजय भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में विदेशी पहलवानों ने हिंदुस्तानियों को यहां तक कह डाला कि उन्हें भारत कतई पसंद नहीं हैं। भारतीयों को कोसते हुए इन विदेशी पहलवानों ने कहा कि भारतीय जितने बाहर से काले हैं वे उससे भी ज्यादा अंदर से काले हैं। और अपने को इन विदेशी पहलवानों ने सुपीरियर बताया और भारतीयों को घटिया। भारतीयों पर रौब जमाते हुए इन विदेशी रेसलरों ने कहा कि हमने भारतीय पर राज किया है। उन्हें कंट्रोल किया है। हिंदुस्तानी पिछड़े हुए हैं और छोटे लोग हैं।

भट्ट ने कहा कि विदेशी रेसलरों का यह ड्रामा मुख्यमंत्री रावत के सरकारी आवास पर घंटों तक चलता रहा। खून खौला देने वाले और देश को अपमानित करने वाले यह बोल सुन कर भी मुख्यमंत्री और उनकी सलाहकार मंडली इन विदेशी रेसलरों को फटकारने के बजाय उनकी चमचागीरी में लगी रही और खुश करने के लिए उनका गुणगान करती रही।

भट्ट ने कहा कि ऐसा कृत्य कर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रावत और उनके सलाहकारों ने भारतीयों का अपमान कर देवभूमि को शर्मसार कर दिया है। रावत मंडली ने देश को अपमानित किया है। उन्होंने खली व विदेशी रेसलरों के इस आयोजन को उत्तराखंड के माथे पर एक कलंक व आपदा बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का सारा खर्च मुख्यमंत्री के दफ्तर से हुआ। भट्ट ने मुख्यमंत्री, उनकी सलाहकार मंडली और देश और देशवासियों के लिए अपमान जनक शब्दों का प्रयोग करने वाले विदेशी रेसलरों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
उधर, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा नेता भट्ट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि खली व विदेशी पहलवानों की कुश्ती का खर्च सरकार ने नहीं किया।

इसका सारा खर्चा आयोजकों ने किया और इससे उत्तराखंड का नाम खेल के अंतरराष्टÑीय मानचित्र पर तेजी से उभरा है। इससे उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अंतरराष्टÑीय स्तर पर कई अहम मौके मिलेंगे।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि भाजपा नेता जिस तरह से मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह भाजपाइयों की तुच्छ मानसिकता का परिचायक हैं।

अग्रवाल ने कहा कि जो भाजपाई देश के संविधान व संसदीय गरिमा का अपमान करते हैं। उन्हें आज हर कोई देशद्रोही नजर आ रहा है। खेल की भावना को समझने में भाजपा नेता नासमझी दिखा रहे हैं। भाजपा नेता मुख्यमंत्री रावत की लोकप्रियता से बौखला कर और 2017 के विधानसभा चुनावों में हार के डर की वजह से उल्टी सीधी बयानबाजी कर राज्य का माहौल खराब करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी और उत्तराखंड के पांचों भाजपा सांसद रेल व आम बजट में प्रदेश को कुछ भी लाभ दिलाने में नाकाम रहे। जिससे ध्यान बंटाने के लिए भाजपाई गलत बयानबाजी कर रहे हैं।

भाजपा व कांग्रेस के नेताओं में आजकल जिस तरह की तू-तू, मैं-मैं चल रही है, उससे राज्य का माहौल गरमा गया है। कांग्रेस भाजपा को जवाब देने के लिए आठ मार्च को देहरादून में रैली निकाल रही है। वहीं भाजपा 14 मार्च को कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा का घेराव करेगी। नौ मार्च से विधानसभा का सत्र शुरू होगा। जिसके गरमा गरम रहने की उम्मीद है। भाजपा विधानसभा में खनन माफियाओं, वन माफियाओं, अवैध खनन, खली और विदेशी पहलवानों के मुद्दे, अर्द्धकुंभ में सफाई की चौपट व्यवस्था, राज्य में पनप रहे भ्रष्टाचार के मुद्दे जोर-शोर से उठाएगी। परंतु भाजपा द्वारा अभी तक नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा नहीं करने से भाजपा विधायकों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है।

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