बीजेपी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के दावों के जवाब में सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में जनरल नरवणे को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “एक इंच भी जमीन नहीं खोई है। हम ठीक उसी जगह पर हैं जहां हम पहले थे।”
बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सदन में भारत-चीन सीमा मुद्दे पर अपने झूठे आरोपों से संसद की गरिमा को कम किया और भारतीय सैनिकों का मनोबल गिराया।
राहुल के बयान का किया विरोध
लोकसभा में सोमवार को उस समय हंगामा हो गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र किया। इसके जरिये राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधा। हालांकि, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य बीजेपी सांसदों ने इसका कड़ा विरोध किया और कांग्रेस नेता पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
इस मुद्दे पर गतिरोध के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह जानबूझकर भारत को बदनाम करने तथा देश की सेना का मनोबल गिराने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।
रिजीजू ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करें और भारत-विरोधी तत्वों की भाषा न बोलें।” उन्होंने कांग्रेस नेता से यह भी कहा कि उन्हें कांग्रेस सरकार के दौरान भारत के हिस्से को चीन के हाथों गंवाने पर देश से माफी मांगनी चाहिए।
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दुश्मनों की भाषा बोल रहे थे राहुल- गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद में दुश्मनों की भाषा बोल रहे थे। गिरिराज सिंह ने संसद भवन परिसर में ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ”वह सदन के अंदर, देश के अंदर और विदेश में दुश्मनों की भाषा बोलते हैं। यह सोनिया गांधी का घर नहीं है। यह लोकसभा है।”
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने लोकसभा अध्यक्ष की व्यवस्था के बावजूद इस मुद्दे पर बोलने पर अड़े रहने के लिए कांग्रेस नेता की आलोचना की। बलूनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने न केवल संसद की गरिमा को कम किया बल्कि अपने लगातार झूठे आरोपों और गुमराह करने वाले बयानों से बहादुर भारतीय सैनिकों का मनोबल भी गिराया।
बलूनी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकसभा अध्यक्ष के बार-बार हस्तक्षेप के बावजूद गांधी बिना किसी सबूत के सदन के पटल से देश को गुमराह कर रहे थे।
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— Amit Malviya (@amitmalviya)