कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को पेपर लीक और दूसरे परीक्षा विवादों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर समर्थन मिल रहा है। हालांकि इसपर बीजेपी नरम रुख अपनाएगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि युवाओं को मुद्दों पर उनके आक्रामक रुख के लिए बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
Gen Z को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट न कहें- बीजेपी नेता
एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि उन्हें Gen Z को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट कहे जाने पर गंभीर आपत्ति है। उन्होंने कहा, “जम्मू और कश्मीर में पत्थरबाजी में शामिल युवा हैं, लेकिन युवाओं की वजह से ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी जीती है। इसी तरह Gen Z जो स्टार्ट अप ड्राइव को सफल बना रही है, वह एजुकेशन सेक्टर में गलतियों का भी विरोध कर रही है।”
‘लोकतंत्र का हिस्सा है प्रदर्शन’
एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन को कम करके आंका। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र का हिस्सा है। लोकतंत्र में ऐसी चीजें होती हैं।” हालांकि उन्होंने कहा इसका मतलब यह नहीं है कि उनके उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
एक नेता ने कहा कि अगर इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ये मुद्दे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम उन्हें अनदेखा या अनसुलझा नहीं रहने दे सकते। अगर हम ऐसा करते हैं, तो वे और बढ़ सकते हैं। इससे हर तरह की नाराजगी जुड़ी होगी। जैसे फ़िज़िक्स में फ़ोर्स और स्पीड को मिलाने पर पावर मिलती है, वैसे ही भारत के युवाओं के साथ भी है। उनकी ताकत से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन साथ ही उन्हें सही दिशा की भी ज़रूरत है।”
हालांकि बीजेपी नेता इस बात से सहमत नहीं थे कि इसका मतलब यह है कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से बात करनी चाहिए। एक नेता ने कहा कि उनके उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देना ज़्यादा ज़रूरी है, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि CJP के पास अभी भी सरकार के साथ बातचीत करने के लिए किसी संगठन का सही फ़ॉर्मेट नहीं है।
NEET-UG 2026 परीक्षा हुई थी रद्द
पेपर लीक की वजह से NEET-UG 2026 एग्जाम कैंसिल करना पड़ा, जिससे 22 लाख छात्रों पर असर पड़ा और CBSE बोर्ड एग्जाम में इवैल्यूएशन में हुई चूक CJP के विरोध का कारण बना। इसको लेकर नेताओं को लगा कि ये सिस्टम में कमियों की वजह से कुछ समय के लिए होने वाले मुद्दे थे।
एक और नेता ने बताया, “यह समझना भी ज़रूरी है कि जहां कुछ मुद्दे हैं जिन्हें वे (युवा) सामने ला रहे हैं, वहीं वे उनके हल के लिए हमारी (BJP की सरकार) तरफ भी देख रहे हैं। यह दिखाता है कि उन्हें हम पर कितना भरोसा है।” मंत्री ने भारतीय युवाओं और उनके साथियों के बीच फ़र्क बताया, “यहाँ के युवाओं को ज़्यादा पारंपरिक मूल्यों के साथ पाला-पोसा जाता है।” हाल के दिनों में युवाओं के आंदोलनों की वजह से पड़ोसी नेपाल और बांग्लादेश में सरकारें गिरी हैं।
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दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक हुई और इसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर चर्चा हुई। कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर CJP की लोकप्रियता की ओर इशारा किया। पढ़ें पूरी खबर
