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बीसीसीआई मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद शिवसेना की चौतरफा निंदा

बीसीसीआई मुख्यालय पर शिवसेना कार्यकर्ताओं के धावा बोलने पर भाजपा ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि ‘गुंडागर्दी’ के लिए कोई जगह नहीं है, वहीं कांग्रेस ने इसे ‘घृणित’ बताया..
Author मुंबई | October 19, 2015 21:36 pm
शिवसेना कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई मुख्यालय के बाहर खड़े सुरक्षाकर्मी। (पीटीआई फोटो)

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंध बहाल करने के मुद्दे पर यहां बीसीसीआई मुख्यालय पर शिवसेना कार्यकर्ताओं के धावा बोलने पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि ‘गुंडागर्दी’ के लिए कोई जगह नहीं है, वहीं कांग्रेस ने इसे ‘घृणित’ बताया।

हालांकि, इससे बेपरवाह शिवसेना ने प्रदर्शन को सही ठहराया। उसने कहा कि वो इस देश के लोगों की भावनाओं को परिलक्षित कर रहे हैं क्योंकि वे पाकिस्तान के साथ तब तक किसी संबंध के खिलाफ हैं जब तक कि वो आतंकवादी गतिविधियां रोक नहीं देता। शिवसेना कार्यकर्ताओं का बीसीसीआई मुख्यालय पर यह प्रदर्शन गुलाम अली प्रकरण और सुधींद्र कुलकर्णी प्रकरण के बाद हुआ है।

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केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘‘हम एक लोकतांत्रिक देश हैं और प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है। लेकिन लोकतांत्रिक तरीके और गुंडागर्दी के बीच एक अंतर है। कोई भी इस तरह के प्रदर्शन को स्वीकार नहीं करता है।’’

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने घटना को ‘घृणित’ करार देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने शिवसेना के प्रदर्शन की वजह से गजल गायक गुलाम अली का शो रद्द होने समेत हाल की विभिन्न घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई ‘भीड़तंत्र’ में तब्दील हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, यह बेहद घृणित है। महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। राष्ट्रपति को इसका संज्ञान लेना चाहिए।’’

राकांपा नेता राहुल नार्वेकर ने कहा कि शिवसेना इस तरह की गतिविधियों में काफी लंबे समय से शामिल रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह आप किसी खास सोच के प्रति अपनी नाराजगी नहीं जता सकते। आप संवैधानिक उपाय अपनाते, जो आपके समक्ष उपलब्ध हैं।

शिवसेना पर सवाल खड़ा करते हुए राकांपा नेता ने कहा, ‘‘जब आप किसी गठबंधन का हिस्सा हैं तो क्या यह उचित है। आपको संविधान को लागू करना है। आप क्या कर रहे हैं, अगर हम हाल के उदाहरणों के बारे में चर्चा करते हैं तो वो असंवैधानिक हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से काफी निराशा के साथ मुझे कहना पड़ता है कि फडणवीस सरकार राजनैतिक बाध्यताओं की वजह से अपनी राजनैतिक जिम्मेदारियों को भूल गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

इस बीच, पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को उचित ठहराते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, ‘‘हमने कोई अपराध नहीं किया है। हम पाकिस्तान का विरोध कर रहे हैं और उनके खिलाफ हमारे प्रदर्शन में कुछ भी नया नहीं है। यह राजनैतिक विरोध नहीं है। हम सिर्फ वही कर रहे हैं जो इस देश की जनता महसूस करती है, क्योंकि लोगों की भावना हमारे लिए महत्वपूर्ण है।’’

राउत ने कहा, ‘‘देश की जनता पाकिस्तान के साथ तब तक कोई संबंध नहीं चाहती है जब तक कि वह भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां करना और साजिश रचना छोड़ दे। उनके साथ कोई क्रिकेट, सांस्कृतिक और राजनैतिक संबंध नहीं रहेगा जब तक कि वे ऐसा करना बंद नहीं कर देते।’’

पाकिस्तानी हस्तियों के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बीसीसीआई मुख्यालय पर धावा बोल दिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख शहरयार खान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को बहाल करने के लिए बीसीसीआई मुख्यालय में वार्ता की योजना थी। सोमवार को होने वाली वार्ता अब मंगलवार के लिए निर्धारित की गई है।

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि शिवसेना अपने रुख से समझौता नहीं करेगी और उन्होंने सहयोगी दल भाजपा से इस मुद्दे पर उसका समर्थन करने को कहा। राउत ने कहा, ‘‘अगर कोई क्रिकेट के माध्यम से पाकिस्तान के साथ संबंध बनाना चाहता है तो हम वैसा नहीं होने देंगे और अपने रुख से समझौता नहीं करेंगे। भाजपा को अब आगे आने और इस मुद्दे पर हमारा समर्थन करने की आवश्यकता है।’’

राउत के विचारों से सहमति जताते हुए शिवसेना के अरविंद सावंत ने कहा, ‘‘प्रदर्शन करना बिल्कुल सही है। इसमें क्या गलत है। लोकतंत्र में उन्हें इन लोगों के खिलाफ प्रदर्शन करने का अधिकार है।’’

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि भारत जैसे स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में प्रदर्शन के लिए हर कोई स्वतंत्र है। भंडारी ने कहा, ‘‘हर कोई अपनी राय जाहिर कर सकता है और सबको प्रदर्शन करने का अधिकार है। वे लोकतांत्रिक तरीके से नारे लगा रहे थे, यह प्रदर्शन का लोकतांत्रिक तरीका है।’’

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  1. उर्मिला.अशोक.शहा
    Oct 20, 2015 at 8:12 am
    वन्दे मातरम- अपना खोया हुआ वजूद वापस प्राप्त करने के लिए और मिडिया फोकस के लिए सेना अपनी राजनीती कर रही है जा ग ते र हो
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