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एम्स में अमित शाह से मिलने वाले नेताओं की लगी भीड़, खो गया बेटे जय का जूता

कमरा संख्या 301 (जहां अमित शाह भर्ती है) के बाहर मीडिया और लोगों का हुजूम काफी संख्या में है। भीड़ की अफरा-तफरी इस कदर है कि यहां बीजेपी अध्यक्ष के बेटे जय शाह का जूता खो गया।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह. (Express File Photo/Oinam Anand)

स्वाइन फ्लू की शिकायत के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को एम्स में भर्ती कराया गया है। एम्स में उनके भर्ती होने के बाद से वीवीआईपी गतिविधियां बढ़ गई है। दिग्गज हस्तियों के अस्पताल में आने-जाने का सिलसला जारी है। शाह का कमरा बड़े नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं से भरा रहता है। कमरा संख्या 301 (जहां अमित शाह भर्ती है) के बाहर मीडिया और लोगों का हुजूम काफी संख्या में है। भीड़ की अफरा-तफरी इस कदर है कि यहां बीजेपी अध्यक्ष के बेटे जय शाह का जूता खो गया। लोगों के बढ़ते हुजूम और अफरा-तफरी को देखते हुए जय ने कमरे में जाने से पहले लोगों को मास्क लगाने के लिए कहा है।

अमित शाह को बुधवार को स्वाइन फ्लू की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती कराया गया। एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। अमित शाह ने अपने बीमार होने की जानकारी खुद ट्वीट करके दी। जानकारी के मुताबिक शाह को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद एम्स लाया गया, जहां उन्हें स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की गई।

अमित शाह के एम्स में भर्ती होने के बाद पार्टी के कार्यकर्ता समेत राजनीतिक हस्तियां स्वस्थ होने की कामना संदेश भेज रही हैं, वहीं कुछ नेताओं ने विवाद बयानों से राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने कर्नाटक में ऑपरेशन लोटस और अमित शाह के स्वान फ्लू को जोड़ते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उन्होंने शाह की बीमारी को ‘सूअर का जुकाम’ बताया और कहा कि कर्नाटक की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करेंगे तो और भी खतरनाक बीमारियां होंगी। बीके हरिप्रसाद के इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस नेता का बयान उनकी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। फ्लू का तो इलाज है लेकिन कांग्रेस के नेताओं की मानसिक बीमारियों का इलाज नहीं है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आगामी दिनों में पश्चिम बंगाल की मुहिम पर जाने वाले थे। उनकी यात्रा 20 जनवरी से प्रस्तावित है। यहां वह तीन रैलियों को संबोधित करने वाले हैं। शाह ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से आधे पर कब्जा जमाने का लक्ष्य तय किया है।

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