भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर हमला किया है। उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि बीजेपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इन आरोपों को ‘अत्यंत गैरजिम्मेदाराना और निराधार’ बताया। सुधांशु त्रिवेदी ने उमर अब्दुल्ला से ठोस सबूत पेश करने या औपचारिक माफी मांगने की मांग की। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि उमर अब्दुल्ला अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ये दावे कर रहे हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने दिया जवाब

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय बयान देते हुए निराधार आरोप लगाया है कि भाजपा उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस बयान की कड़ी निंदा की है और उनसे सीधे सबूत पेश करने या माफी मांगने को कहा है। वास्तविकता यह है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर में अपनी सरकार की अक्षमता, निष्क्रियता और कुशासन को छिपाने के लिए यह निराधार आरोप लगाया है।”

यह घटना उमर अब्दुल्ला के उस दावे के बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के एक विधायक को 20-30 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच देकर पाला बदलने की कोशिश की थी।

उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

उमर अब्दुल्ला ने बताया कि विधायक ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और उन्हें इस बारे में जानकारी दी। उमर अब्दुल्ला ने कहा, “भाजपा के एक अधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं, उन्होंने मेरे जम्मू के एक विधायक से बंद कमरे में कहा, ‘हम आपको 20 से 30 करोड़ रुपये, एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देंगे। आप हमारे साथ चलिए।’ क्या उन्हें लगता है कि इन लोगों का विश्वास इतना सस्ता है?”

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने उमर अब्दुल्ला के दावों का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की पूरी राजनीतिक नींव झूठ पर टिकी है। सुरिंदर चौधरी ने कहा, “मुझे बताइए कि भाजपा ने कभी सच कब बोला है। भाजपा का काम झूठ पर आधारित है। वे 2014 में झूठ के बल पर सत्ता में आए, फिर 2019 और 2024 में वापस आए, और उनकी नींव हमेशा झूठ पर टिकी रही है। उमर अब्दुल्ला उन नेताओं में से नहीं हैं जो झूठ बोलते हैं। वे पहले सभी तथ्यों की जांच करते हैं, फिर बयान देते हैं।”

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने आगे कहा, “उनके इस बयान से जम्मू-कश्मीर के लोगों को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि भाजपा क्या चाहती है। जम्मू-कश्मीर में चुनाव बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार हुए थे। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में गठित नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार मनोनीत नहीं है, यह निर्वाचित सरकार है। जनता ने उन्हें चुना है, और अपने ही कानूनों के तहत चुना है।”

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कश्मीर में मटन की सप्लाई में कमी आ रही है। इसके कारण कश्मीर में शादियों का सीजन भी प्रभावित हो रहा है। मुश्किल इसलिए हुई है क्योंकि पंजाब के कॉन्ट्रैक्टर राजस्थान और हरियाणा से जानवर लेकर कश्मीर जाने वाले ट्रकों से जबरदस्ती फ़ीस वसूल रहे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर